लुधियाना में एक व्यक्ति ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. वहीं, मृतक के परिजनों ने शव को थाना सलेम टाबरी के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों का कहना है कि, मृतक विक्रमजीत ने निजी बैंक से 50-50 हजार रुपए के दो लोन लिए थे, लेकिन बाजार में आई मंदी के बाद लोन की किश्त जमा नहीं करवाई, जिसके बाद बैंक वालों ने विक्रमजीत को काफी तंग किया. फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच

हिमाचल सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है. वित्त विभाग की ओर से शुक्रवार को कर्ज लेने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है. कर्ज की रकम सरकार के खजाने में 12 जुलाई तक आएगी. इससे पहले सरकार इतनी ही राशि का कर्ज उठा चुकी है. केंद्र सरकार की फटकार के बाद अब प्रदेश सरकार तय मानकों के तहत ही कर्ज उठा रही है.  मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार तीन हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले सकती है. कर्ज की तय सीमा के 50 फीसद के कुछ कम अर्थात करीब 1300 करोड़ का कर्ज उठा चुकी है. सरकार