हिमाचल में बिकने वाली शराब असली है या नकली, इसकी पहचान एक ऐप के जरिये हो सकेगी। प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग ने ऐसी ऐप तैयार की है, जिसके जरिये बोतल के होलोग्राम को स्कैन कर असली और नकली की पहचान की जा सकेगी। हरियाणा, पंजाब और यूपी से तस्करी कर प्रदेश में लाई जाने वाली शराब और प्रदेश में ही बनाई जा रही नकली शराब के गोरखधंधे की समस्या से निपटने को विभाग ने यह तरीका ईजाद किया है। प्रदेश सरकार हर साल करीब 12 सौ करोड़ रुपये सिर्फ शराब लाइसेंस से कमाती है। चूंकि, इस साल लाइसेंस नीलामी के

हिमाचल में हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से प्रभावित होटल, बार, मैरिज पैलेस और क्लब आदि को सरकार राहत देने की तैयारी में है। सरकार ने आबकारी एक्ट में संशोधन के लिए आर्डिनेंस तैयार कर राजभवन को मंजूरी के लिए भेज दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उक्त व्यापारिक प्रतिष्ठान सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध आदेश के दायरे से बाहर हो जाएंगे। हालांकि हाईवे के पांच सौ मीटर के दायरे में शराब ठेकों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद आर्डिनेंस राजभवन भेज दिया गया।