पटना राष्ट्रीय जनता दल के 21वें स्थापना दिवस पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक बड़ा सियासी बयान दिया है, लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश और मायावती एक साथ आ जाएं तो समझिए कि बीजेपी का गेम ओवर है. लालू यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इसकी जबर्दस्त संभावना है कि चुनाव से पहले मायावती और अखिलेश साथ आ जाएं, यदि ऐसा होता है तो 2019 का मैच ओवर समझिए. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की पैरवी करते हुए लालू यादव ने इस बात पर जोर दिया कि

पटना कोई बड़ी परेशानी आने पर अक्सर लोग पंडितों और ज्योतिषियों का सहारा लेते हैं. इस वक्त लालू प्रसाद यादव का परिवार भी बेनामी संपत्तियों को लेकर बड़ी मुश्किलों में जूझ रहा है. इसे देखते हुए उनके बड़े बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव 'दुश्मनों' से निपटने के लिए तंत्र-मंत्र और वास्तु का सहारा ले रहे हैं. गौरतलब है कि पटना में पेट्रोल पंप अलॉटमेंट के मामले में तेज प्रताप को हाल ही में बीपीसीएल का नोटिस मिला है. विपक्षी नेता इस मामले में उन्हें और लालू प्रसाद यादव को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसी

पिछले तीन दिनों के अंदर एक के बाद एक लगे दो झटकों ने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव की नींद उड़ा कर रख दी है। अब यह कयास लगाए जाने लगा है कि बिहार की राजनीति के कभी सबसे ज्यादा ताकतवर रहे इस शख्स को एक बार फिर से जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जी हां, सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सोमवार को सुनाया गया फैसला लालू यादव के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। लालू के जीवन में पिछले तीन दिनों के अंदर एक ऐसा मोड़ आ गया है जिसकी शायद ही उन्होंने कल्पना की