हेग भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाए जाने के खिलाफ याचिका पर भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में बड़ी जीत मिली है. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगाए रखने का आदेश दिया है. ICJ के जज रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुलभूषण जाधव को जासूस बताने वाला पाकिस्तान का दावा नहीं माना जा सकता. पाकिस्तान ने अदालत में जो भी दलीलें दीं, वे भारत के तर्क के आगे कहीं नहीं ठहरतीं. https://twitter.com/ANI_news/status/865148188809768960 इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वियना संधि के तहत भारत को कुलभूषण जाधव तक

दिल्ली पाकिस्तान भले ही मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि भारत द्वारा जाधव के पास राजनयिक पहुंच के 15 बार के आग्रह को उसने अनसुना कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास जाधव के लोकेशन और स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यह चिंता की बात है. पाकिस्तान की सैनिक अदालत ने जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों

लाहौर पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के खिलाफ नए सबूत संयुक्त राष्ट्र को सौंपने का फैसला किया है, इसमें मजिस्ट्रेट के सामने और फिर अदालत में दर्ज जाधव के कबूलनामे का वीडियो शामिल होगा. सैन्य अदालत ने जाधव को फांसी की सजा सुनाई है और भारत के दबाव के बाद पाक ने यह नया पैंतरा चला है. पाक मीडिया के मुताबिक, नए डोजियर में कराची और बलूचिस्तान में जाधव की जासूसी और हिंसक गतिविधियों का ब्योरा शामिल होगा. इसमें कोर्ट मार्शल की कार्यवाही का ब्योरा भी होगा. दरअसल, भारतीय अधिकारियों को जाधव से मिलने की इजाजत न देने और

दिल्ली विदेश मंत्रालय ने कहा कि नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में किस जगह पर हैं और किस हाल में हैं, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है और सरकार उन्हें वापस लाने के हरसंभव प्रयास कर रही है. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी की गतिविधियों के आरोप में 46 वर्षीय जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में गिरफ्तार किया था. उसका आरोप है कि वह भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनलसिस विंग (रॉ) से जुड़े थे और यहां जासूसी तथा 'विध्वंसकारी गतिविधियों में लिप्त' थे. विदेश मंत्रालय ने

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर जंजुआ ने कहा है कि पाकिस्तान और भारत ‘‘हमेशा के लिये दुश्मन नहीं बने रह सकते’’ और उन्हें परस्पर संवाद एवं द्विपक्षीय विवादों को सुलझाने की आवश्यकता है. जंजुआ ने कल कनाडा के उच्चायुक्त पेरी कैल्डरवुड से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं. पाकिस्तान के आधिकारिक एसोसिएट प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) ने जंजुआ के हवाले से कहा, ‘‘हमें परस्पर संवाद और विवादों को सुलझाना चाहिए. जंजुआ ने दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान और भारत हमेशा दुश्मन ही नहीं बने रह सकते. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सक्रियता एवं द्विपक्षीय संबंधों, आतंकवाद खत्म करने में पाकिस्तान की भूमिका,

मुंबई कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के पाकिस्तान के फैसले के खिलाफ सरकार और विपक्ष एक साथ आ खड़े हुए हैं. कांग्रेस सांसद शशि थरूर पाक सैन्य कोर्ट के फैसले की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव को तैयार करने में सरकार की मदद करेंगे. इस प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों से पास कराया जाएगा. इससे पहले लोकसभा में सभी दलों के नेताओं ने जाधव के मामले को उठाया. सांसदों ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और जाधव की रिहाई की हरसंभव कोशिश करने की अपील की. इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि

संसद में आज कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाए जाने का मामला उठा. लोकसभा में कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि कुलभूषण जाधव के पास भारत का वैध पासपोर्ट है तो ऐसे में पाकिस्तान कैसे उन्हें जासूस कह सकता है. राजनाथ सिंह ने कहा कि कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा वह सरकार करेगी. पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे और उसके अन्याय को सफल नहीं होने देंगे. हर हाल में कुलभूषण को वापस लाएंगे- सुषमा स्वराज वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने

पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अचानक मौत की सजा सुना दी गई। जिसके बाद अब पाकिस्तान के इस कदम का विरोध हो रहा है। कथित जासूस सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कुलभूषण जाधव रिहाई के लिए भारत सरकार से ठोस कदम उठाने की बात कही है।  दलबीर कौर ने कहा है कि सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए ताकि सरबजीत की तरफ कुलभूषण को फांसी दे दी जाये। दलबीर कौर ने कहा है कि कुलभूषण भारतीय नागरिक है इसलिए उसे फांसी की सजा दी गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जल्द दखल देने