दिल्ली भारत का लगातार कहना है कि पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के कथित अपराध स्वीकार करने वाले वीडियो में उन्हें अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया. बता दें पाकिस्तान ने गुरुवार को कुलभूषण जाधव का दूसरा कथित अपराध कबूलनामे का वीडियो जारी किया है. रक्षा विशेषज्ञों ने भी शुक्रवार को कहा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान ने ये सब कहने के लिए कुलभूषण जाधव पर काफी अत्याचार किया था. रक्षा विशेषज्ञ सुनील देशपांडे और शिवाली देशपांडे ने कहा कि वीडियो में जाधव के चेहरे पर मौजूद निशानों से पता चलता है कि वीडियो में अपराध कबूलने

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को तब तक फांसी नहीं दी जाएगी जब तक कि वह अपनी सभी क्षमा याचिकाओं का इस्तेमाल नहीं कर लेते. इसके पहले भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी यह बात इशारों में कही थी, पर आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की ओर से यह पहला बयान है. बताया जा रहा है कि गुरुवार को पाकिस्तान में हुई नैशनल सिक्यॉरिटी कमिटी (NSC) की बैठक में यह फैसला लिया गया है. जाधव को रिहा कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस लड़ रहे भारत के

पाकिस्तान ने दावा किया है कि कुलभूषण जाधव ने देश में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बारे में भारत को अहम खुफिया जानकारियां मुहैया कराई थी. पाक फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन नफीस जकारिया ने एक इंटरव्यू में यह कहा है. जकारिया के मुताबिक भारतीय नागरिक जाधव ने हमलों के बारे में भारत को लगातार खुफिया जानकारियां दी थी. बता दें कि जाधव को पाक मिलिट्री कोर्ट ने जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी. भारत यह मामला ICJ (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में ले गया. आईसीजे ने पाक से आखिरी फैसला होने तक

पाकिस्तान की जेल में बंद भारत के कुलभूषण जाधव को फौरन फांसी देने की मांग पाकिस्तान में उठ रही है. इस संबंध में एक याचिका पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. इसमें मांग की गई है कि अगर जाधव मामले में सुप्रीम कोर्ट उसकी सजा को उम्रकैद में तब्दील करने में असमर्थ है तो उसे फौरन फांसी दे दी जाना चाहिए. पाक के एक अखबार में छपी खबर के अनुसार, पाकिस्तानी वकील मुजामिल अली ने पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है. इस याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार को ये आदेश दे

हेग भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाए जाने के खिलाफ याचिका पर भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में बड़ी जीत मिली है. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगाए रखने का आदेश दिया है. ICJ के जज रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुलभूषण जाधव को जासूस बताने वाला पाकिस्तान का दावा नहीं माना जा सकता. पाकिस्तान ने अदालत में जो भी दलीलें दीं, वे भारत के तर्क के आगे कहीं नहीं ठहरतीं. https://twitter.com/ANI_news/status/865148188809768960 इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वियना संधि के तहत भारत को कुलभूषण जाधव तक

जितना बड़ा किसी वकील का नाम होता है उतनी ही मोटी उसकी फीस और अगर मामला हाई-प्रोफाइल हो तो वकीलों का मेहनताना भी बढ़ जाता है. इस लिहाज से आप सोच रहे होंगे कि इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव के मामले पर भारत की पैरवी करने के बदले सीनियर वकील हरीश साल्वे को भी अच्छी खासी रकम मिली होगी. लेकिन आप गलत हैं. साल्वे ये केस सिर्फ 1 रुपये में लड़ रहे हैं. ये जानकारी ट्विटर पर खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी. https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/864173762203275266

दिल्ली पाकिस्तान भले ही मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि भारत द्वारा जाधव के पास राजनयिक पहुंच के 15 बार के आग्रह को उसने अनसुना कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास जाधव के लोकेशन और स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यह चिंता की बात है. पाकिस्तान की सैनिक अदालत ने जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों

इस्लामाबाद भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मौत की सजा सुनाई है। भारत की तरफ से उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी ने एक बार फिर जाधव तक कांउसलर एक्सेस देने से इनकार कर दिया। भारत अब तक जाधव तक पहुंचने की 14 कोशिशें कर चुका है। बता दें कि PAK की आर्मी कोर्ट ने इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। इस पर भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो

लाहौर पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के खिलाफ नए सबूत संयुक्त राष्ट्र को सौंपने का फैसला किया है, इसमें मजिस्ट्रेट के सामने और फिर अदालत में दर्ज जाधव के कबूलनामे का वीडियो शामिल होगा. सैन्य अदालत ने जाधव को फांसी की सजा सुनाई है और भारत के दबाव के बाद पाक ने यह नया पैंतरा चला है. पाक मीडिया के मुताबिक, नए डोजियर में कराची और बलूचिस्तान में जाधव की जासूसी और हिंसक गतिविधियों का ब्योरा शामिल होगा. इसमें कोर्ट मार्शल की कार्यवाही का ब्योरा भी होगा. दरअसल, भारतीय अधिकारियों को जाधव से मिलने की इजाजत न देने और

दिल्ली विदेश मंत्रालय ने कहा कि नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में किस जगह पर हैं और किस हाल में हैं, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है और सरकार उन्हें वापस लाने के हरसंभव प्रयास कर रही है. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी की गतिविधियों के आरोप में 46 वर्षीय जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में गिरफ्तार किया था. उसका आरोप है कि वह भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनलसिस विंग (रॉ) से जुड़े थे और यहां जासूसी तथा 'विध्वंसकारी गतिविधियों में लिप्त' थे. विदेश मंत्रालय ने