दिल्ली अपने 'करीबी दोस्त' रूस को चेतावनी देते हुए भारत ने कहा है कि अगर उसे परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की सदस्यता नहीं मिल पाती है तो वह परमाणु ऊर्जा विकास के अपने कार्यक्रम में विदेशी पार्टनर्स से सहयोग करना बंद कर देगा. भारत ने साफ कह दिया है कि ऐसी स्थिति में वह रूस के साथ कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की 5वीं और 6वीं रिऐक्टर यूनिट्स को विकसित करने से जुड़े MoU को ठंडे बस्ते में डाल सकता है. दरअसल, भारत को महसूस हो रहा है कि चीन से नजदीकियां बढ़ा रहा रूस भारत को एनएसजी सदस्यता दिलवाने के लिए अपनी 'क्षमताओं'