केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को स्पष्ट किया कि आगामी 1 जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने या नया स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए आधार नंबर का उल्लेख करना जरूरी होगा. आयकर विभाग की इस नीति निर्माता संस्था सीबीडीटी ने एक वक्तव्य जारी कर यह स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में केवल उन लोगों को आंशिक राहत दी है, जिनके पास आधार नंबर नहीं है, अथवा जिन्होंने आधार में पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे में टैक्स अधिकारी उन लोगों के पैन को निरस्त नहीं करेंगे. सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले

दिल्ली पैन कार्ड और आयकर रिटर्न के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने के केंद्र के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक रूप से रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें पैन से लिंक करने पर सरकार जोर नहीं डाल सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि आधार बनवा चुके लोगों के लिए रिटर्न में आधार नंबर डालना जरूरी होगा. जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है तो अभी कोई जल्दबाजी नहीं. सिर्फ पैन कार्ड से भी रिटर्न भर सकते हैं. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के