सरकार आई-टी रिटर्न न भरने वाली कंपनियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील बरतने के मूड में नहीं है। ऐसी करीब चार लाख कपनिया हैं जिनका आ-ईट रिटर्न नहीं भरने की वजह से रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। सरकार की शेल कंपनियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के तहत 11 लाख सक्रिय भारतीय कंपनियों में से एक तिहाई से अधिक कंपनियां हैं जिनके ऊपर तलवार लटकी हुई है। इन कंपनियों ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों से अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुतबाकि, 2013-14 और 2014-15 में रिटर्न फाइल करने में असफल रहीं