हिमाचल प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने एचआरटीसी को 66 सेवानिवृत्त कर्मियों का बकाया भुगतान और पेंशन भत्ते छह माह में अदा करने का आदेश जारी किया है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष वीके शर्मा ने मंडी सर्किट में सुनाये फैसले में याचिका को स्वीकारते हुए उक्त आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने 66 परिवहन निगम कर्मियों के पक्ष को सही माना और निगम को उनके बकाया भुगतान, डियरनेस रिलीफ, पेंशन और भत्ते, सेवानिवृत्ति के बाद 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर पांच, 10 और 15 प्रतिशत की दर से जारी करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता एसपी चटर्जी के माध्यम से ट्रिब्यूनल में

HRTC में युवाओं को नौकरी का मौका मिलने जा रहा है. निगम में एक हजार कंडक्टरों की भर्ती होगी. सचिवालय में आयोजित बीओडी की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई. HRTC के ITI डिप्लोमा प्राप्त पीस मील वर्कर चार साल बाद अनुबंध पर आएंगे, जबकि अन्य पीस मील वर्करों को 5 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही अनुबंध पर लिया जाएगा. आपको बता दें कि अभी पीस मील वर्कर को पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही अनुबंध पर लिया जाता था. HRTC में पहले लिए गए कंडक्टर भर्ती का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इसके

चिट्टा के साथ पकड़े गए एचआरटीसी सोलन के आरएम महेंद्र सिंह पर लाखों की रिकवरी है। देहरा में रहते हुए 10 लाख रुपये के गबन का आरोप है, जबकि धर्मशाला में भी पद का दुरुपयोग कर लाखों रुपये के हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे थे। की थी। करीब 9 साल पहले प्रदेश सरकार ने आरोपी आरएम के खिलाफ जांच बिठाई थी। उस दौरान यह मामले सामने आए थे। कुल मिलाकर 47 लाख रुपये की रिकवरी थी। इसमें एचआरटीसी ने 15 लाख के करीब राशि वसूल की थी। जानकारी के मुताबिक आरोपी आरएम ने धर्मशाला रहते हुए स्पेशल बसों की बुकिंग से