हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को विधायक निधि के नियमों की जानकारी कोर्ट में रखने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि विधायकों की ओर से ऐच्छिक निधि बांटने के बारे में किसी तरह के नियम बनाए गए हैं या नहीं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मंडी जिले के नाचन विस क्षेत्र से विधायक विनोद कुमार की ऐच्छिक निधि के आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में ये आदेश पारित किए। अब मामले पर सुनवाई 1 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट को लिखे पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि हाइवे पर शौचालय की सुविधा होना यात्रियों और पर्यटकों का मौलिक आधार है। हाई कोर्ट को बताया गया कि 2016-17 में हिमाचल प्रदेश में कमोबेश 2 लाख गाड़ियां करीब 84 लाख पर्यटकों को लेकर आईं। इसके अलावा नैशनल हाइवेज और स्टेट हाइवेज पर रोजाना करीब 5,000 बसें चलती हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन के बावजूद हाइवेज पर शौचालय की सुविधा नहीं है, जिससे यात्रियों और पर्यटकों को खुले में शौच या पेशाब करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हाई कोर्ट के ऐक्टिंग चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस