हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के राष्ट्रीय और राज मार्गों के आसपास शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर कड़ा संज्ञान लिया है। जनहित मामले में कोर्ट ने सभी उपायुक्तों को प्रतिवादी बनाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इन सड़कों के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर संबंधित अथॉरिटी के साथ बैठक करने का भी कहा है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को हलफ नामे के साथ जनहित कार्य की प्रगति रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि प्रदेश में हर

हिमाचल हाईकोर्ट ने पांच बीघा तक सरकारी और वन भूमि पर किए कब्जों को नियमित करने के लिए सरकार को पॉलिसी लाने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने सरकार की ओर से बनाए गए प्रारूप नियमों के प्रकाशन की इजाजत के लिए दायर आवेदन का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सरकार के आवेदन पर यह आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि इस इजाजत को यह कतई न समझा जाए कि कोर्ट ने प्रस्तावित पॉलिसी की वैधता को सही ठहरा दिया है। कोर्ट ने कहा