सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें हाई कोर्ट ने राज्यों के सभी किसानों के कर्ज माफ़ी का आदेश दिया था. इससे पहले तमिलनाडु में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने किसानों की कर्ज माफी के आदेश दिया था. हाई कोर्ट के फैसले को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी थी. मद्रास हाईकोर्ट ने नोटिफिकेशन को रद्द करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया था कि को-ऑपरेटिव बैंक से किसानों ने जो कर्ज लिए हैं उन्हें माफ किया जाए. इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने नोटॉफिकेशन जारी कर

हिमाचल हाईकोर्ट ने वन भूमि पर कब्जा करने वाले उन याचिकाकर्ताओं को राहत दी है, जिन्होंने 5 बीघा से अधिक भूमि खुद सरकार को सौंप दी थी। कोर्ट ने इन कब्जाधारियों के खिलाफ विभिन्न अदालतों से बेदखली के आदेशों पर भी रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भूमि के संरक्षण व रखरखाव के लिए अधिकृत राजस्व व वन अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि कोर्ट द्वारा अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ दिए गए सभी आदेशों का सकारात्मक रूप से अनुपालन करें। बता दें कि ऐसे लगभग 96 कब्जाधारी हैं, जिनके खिलाफ बेदखली आदेश पारित किए गए हैं। ये कब्जाधारी सरकार की नियमितीकरण

बांबे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि मुंबई में 1993 में हुए सीरियल बम विस्फोटों के मामले में सजा काट रहे फिल्म अभिनेता संजय दत्त को उसने किस आधार पर समय पूर्व रिहा करने का फैसला लिया था. संजय दत्त को हथियार रखने के आरोप में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी. ये हथियार उसी खेप का हिस्सा थे जिनका इस्तेमाल बम विस्फोटों में किया गया था. जस्टिस आरएम सावंत और जस्टिस साधना जाधव की खंडपीठ सोमवार को पुणे निवासी प्रदीप भलेकर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसमें सजा के दौरान संजय दत्त को प्रदान

दिल्ली के एक बार में टीम इंडिया के क्रिकेटर गौतम गंभीर के नाम से शराब बिक रही है. ये पता चलते ही गंभीर कोर्ट पहुंच गए हैं. वे चाहते हैं कि यह रेस्ट्रॉन्ट और बार अपनी टैग लाइन से उनके नाम को हटाए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गंभीर अल्कोहल नहीं लेते हैं और उन्हें जब उनके नाम से ड्रिंक सर्व करने वाले रेस्ट्रॉन्ट का पता चला तो वे जमकर भड़क गए. इस मामले में मजेदार मोड़ तब आया, जब यह पता चला कि रेस्टोरेंट के ओनर का नाम भी गौतम गंभीर ही है और उसने दावा किया कि वह अपने नाम की