हरियाणा के झज्जर जिले में सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई. उनके वाहन की टक्कर एक ट्रक से हो जाने के कारण यह हादसा हुआ. दुर्घटना दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर मातौर गांव के पास शुक्रवार देर रात हुई.  पुलिस ने शनिवार को बताया कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शख्स ने रोहतक के पीजीआई में गंभीर रूप से घायल होने के कारण दम तोड़ दिया. पीड़ित परिवार महिंद्रा जाइलो में सफर रहे थे. पुलिस के अनुसार, दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे. ट्रक चालक घटनास्थल से

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर एजेएल को दोबारा प्लाट आवंटन मामले में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने तीखा हमला बोला है। विज ने  कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में हुई लूट में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा को अवश्य जेल जाना पड़ेगा। यह पहली बार देखने में आया है कि अपने राजनीतिक आकाओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मोती लाल वोहरा को खुश करने के लिए भूपेंद्र हुड्डा ने नेशनल हेराल्ड मामले में स्वयं हस्ताक्षर किए हैं।

यूपी के तर्ज पर अब हरियाणा में भी एंटी रोमियो स्कवॉड  मनचलों की खबर ले रही है। इसी कड़ी में जींद में महिला एसएचओ रोशनी देवी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। कॉलेज, स्कूल के आस-पास घूम रहे युवकों से पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आन द स्पॉट मनचलों को सबक सिखाया गया, जो भी युवक बिना वजह कालेज और स्कूलों के बाहर घूमता नजर आया उनसे पुलिस ने कान पकड़कर उठक बैठक लगाई और कई युवकों को नसीहत देकर जाने दिया।

केंद्र सरकार में मंत्री और हरियाणा से राज्यसभा सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह ने जाट आंदोलन का समर्थन किया किया।  जाट आरक्षण की वकालत करते हुए केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब हम भी आपके बराबर आने वाले हैं। हम तो एससी बनने के लिए भी तैयार हैं। आपके छोटे भाई बनकर रहेंगे। आप ओर हम एकजुट हुए तो फिर कोई नहीं हरा पाएगा। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने में सालों लगते हैं और तोड़ने में एक मिनट। हमारे आपसी सामाजिक रिश्ते-नाते ही हमारी ताकत हैं, जो हमें सामाजिक रूप से जोड़े हुए  हैं। देश की 125 करोड़ की

हरियाणा सरकार अफसरों की कमी से जूझ रही है। एक-एक अधिकारी पर काम का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। एक अधिकारी दो महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा देख रहे हैं। उन्हें एक-एक तीसरा विभाग और थमा दिया गया है। इसकी बानगी इसी सप्ताह हुए तबादलों में दिख चुकी है। अब सरकार एक और सूची निकालने की तैयारी में है। अधिकारियाें की कमी का यह आलम है कि इस साल सात-आठ आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए अजीत मोहन शरण 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि केंद्र में कार्यरत 1980 बैच के अशोक