हरियाणा में 13 तेजाब पीड़ितों को आठ हजार रुपये मासिक आर्थिक सहायता का रास्ता साफ हो गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आपत्ति के कारण पेंशन की जगह अब इन्हें हर महीने गुजर-बसर के लिए आर्थिक सहायता मिला करेगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2012 में सरकार को दिव्यांगता एक्ट 1995 के तहत तेजाब पीड़ितों को हर महीने आठ हजार रुपये पेंशन प्रदान करने के निर्देश दिए थे। जिस पर सरकार ने वित्त विभाग से मंजूरी के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पेंशन जारी करने का जिम्मा सौंपा, लेकिन विभाग ने दिव्यांगता एक्ट 1995 में तेजाब पीड़ितों को पेंशन

स्कूलों-कालेजों में अध्यापकों व छात्र-छात्राओं द्वारा कक्षा में मोबाइल फोन ले कर जाने और समय-समय पर कभी अïध्यापक तो कभी किसी छात्र के मोबाइल की बजने वाली घंटी से अध्यापकों और छात्रों दोनों का ही समय नष्ट होता है और पढ़ाई की हानि होती है। इसी के दृष्टिगत कुछ समय पूर्व हिमाचल सरकार ने अपनी शिक्षा संस्थाओं में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी और अब हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने भी राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों तथा स्कूल के प्रमुखों के भी कक्षाओं में मोबाइल लेकर जाने पर रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा

महिलाओं की चेन और पर्स छीनने वाले अपराधियों की सूचना देना फायदे का सौदा हो सकता है। राज्य सरकार ने ऐसे अपराधियों को पकड़वाने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपए का नगद इनाम देने का एलान किया है। ये फैसला सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में सीएम ने औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में डीसीपी स्तर का अधिकारी और बहादुरगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त करने को भी मंजूरी दी।  

हरियाणा में बेटी छुपाओ के तहत राज्य में महिलाओं के गर्व के लिए उन्हें ढंककर रहने की वकालत की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए एक बुकलेट जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि ‘घूंघट’ में महिला जो कि राज्य की पहचान है। कृषि संवाद के मार्च इशू के आखिरी पन्ने पर ये तस्वीर छापी गई है। इस तस्वीर में महिला अपने सिर पर मवेशियों का चारा ढो कर ले जा रही है और इसका कैप्शन है, “घूंघट की आन-बान, म्हारे हरियाणा की पहचान”। एक तरफ तो राज्य सरकार सेल्फी विद डॉटर जैसा अभियान चलाती, जिससे

हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश की यूनिवर्सिटियों में पढ़ रहीं विवाहित छात्राओं को मैटरनिटी लीव देने का फैसला लिया है। मैटरनिटी लीव 45 दिन की होगी। सरकार ने यह कदम इस लिए उठाया है ताकि मैरिड छात्राओं की पढ़ाई को नुकसान न हो। छात्राओं को इसी शर्त पर मैटरनिटी लीव मिलेगी कि यदि वह सरकारी अस्पताल के अधिकारियों की सिफारिश पर सरकारी महिला कर्मचारियों के मामले में बनाए गए नियमों के अनुसार लागू 45 दिनों तक मैटरनिटी लीव लेती हैं तो उन्हें अपने कोर्स या रिसर्च को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्लास लगानी होंगी। यह लीव पीरियड,

हरियाणा में नई परिवहन नीति को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। नई प्राइवेट परिवहन नीति समेत अन्य मांगों पर सरकार और हरियाणा रोडवेज की आठ यूनियनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। प्रदेश में आज से किसी भी रूट पर हरियाणा रोडवेज की सामान्य और वॉल्वों बसें नहीं चलेंगी। यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करना होगा। कर्मचारी यूनियनों ने रविवार को पानीपत में बैठक कर मांगों के संबंध में सरकार को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिसकी मियाद सोमवार शाम खत्म हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे बार-बार समझौता करने के

रेवाड़ी हरियाणा में रेवाड़ी के गोठड़ा टप्पा गांव की बेटियों की मांग को मानते हुए राज्य सरकार ने स्कूल को 12वीं तक करने का आदेश दिया है. अधिकारी जल्द ही लिखित नोटीफिकेशन जारी करेंगे। आपको बता दें कि, लड़कियों का आरोप है  इन्हें पढ़ने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है और इस दौरान मनचले इनसे छेड़छाड़ करते हैं. कभी इनकी चुन्नी खींच ली जाती है तो कभी अश्लील हरकत करते हैं। स्कूल को 12वीं तक करने की मांग को लेकर छात्राएं अनशन पर बैठी थी जिसके बाद कल उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। MH ONE न्यूज ने इस खबर को प्रमुखता से

नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी वापस नहीं लेने पर भड़की हरियाणा रोडवेज की सभी आठ यूनियनों ने दोबारा से आंदोलन का एलान किया है। आज प्रदेश के सभी चौबीस डिपो पर रोडवेज कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 9 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर सत्रह में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुदीप सिंह ढिल्लों के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। ये जानकारी ऑल हरियाणा रोजवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि तेरह अप्रेल को परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार, अतिरिक्त मुख्य सचिवऔर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग में आश्वासन दिया गया था कि सरकार होईकोर्ट में

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली उपभोक्ताओं को बकाये के भुगतान के लिए एक और मौका देने के लिए  बिजली बिल अधिभार छूट योजना 2017 शुरू किए जाने की घोषणा की है। योजना के तहत जिन ग्राहकों के बिजली बिल बकाया हैं और जो पहले अधिभार छूट योजना का लाभ नहीं ले सके हैं, उन्हें बकाये के भुगतान के लिए एक और मौका दिया जा रहा है। उपभोक्ता बकाया बिजली बिल बिना अधिभार के दे सकते हैं। वे ताजा बिल के साथ पूरी राशि एक साथ या छह बराबर-बराबर मासिक किस्तों में दे सकते हैं। अधिभार छूट योजना 2017

हरियाणा सरकार ने गायों से संबधित हर एक जानकारी को एक जगह पर साझा करने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को वेबसाइट www.hargauseva.gov.in की शुरुआत की. इस वेबसाइट के जरिए लोग 'हरियाणा गो सेवा आयोग' का मिशन, उद्देश्य, काम और गतिविधियों के बारे में जान सकते हैं. इसके साथ ही लोग राज्य में गायों के लिए बने सभी आश्रयों और सरकार द्वारा गायों के सहयोग के लिए दी जानी वाली रकम के बारे में भी जान सकते हैं. वेबसाइट पर हरियाणा गो सेवा आयोग के चैयरमेन और सभी सदस्यों के पता और