जीएसटी को लागू हुए लगभग 50 दिन हो गए हैं, पर लोग अभी भी इस परेशानी में हैं कि जीएसटी अलग-अलग मदों पर कैसे लागू किया जाता है. मतौर पर उपभोक्ता किसी होटल या रेस्तरां में खाने-पीने के लिए जाता है तो बिल को ध्यान से नहीं देखता. लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद भी आप यदि ऐसा नहीं करते तो संभव है कि आपसे ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है. अभी भी बहुत से रेस्तरां ऐसे है जो अपनी मर्जी के अनुसार टैक्स चार्ज लगाते हैं. 1. सेवा शुल्क किसी भी रेस्तरां में सेवा शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य नहीं है.

  सरकार ने कंपनियों को अब 28 अगस्त तक पहला जीएसटी टैक्स रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी है, जबकि पहले इसके लिए 20 अगस्त अंतिम तारीख तय की गई थी। इससे अब पिछले टैक्स सिस्टम के तहत चुकाए गए टैक्स पर कंपनियां क्रेडिट क्लेम कर पाएंगी। पिछले टैक्स सिस्टम के तहत कंपनियों को सैकड़ों करोड़ों का रिफंड बकाया है। अगर यह छूट नहीं मिलती तो कंपनियों को जुलाई का जीएसटी चुकाने के लिए जेब से कैश देना पड़ता क्योंकि रिटर्न फाइल करने के लिए जो फॉर्म सरकार ने जारी किया था, उसमें क्रेडिट इनपुट क्लेम करने का कॉलम नहीं

जीएसटी परिषद की शनिवार को हुई बैठक में कपड़ों की सिलाई से लेकर उनमें कशीदाकारी करने जैसे ‘जॉब वर्क’ पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया गया है. ट्रैक्टर के कुछ कलपुजों पर भी जीएसटी दर में कटौती की गई है. इसके साथ ही माल का परिवहन करने से पूर्व उसके पंजीकरण संबंधी ई-वे बिल के प्रावधानों को भी कुछ राहत देते हुये अंतिम रूप दे दिया गया. वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद की 20 वीं बैठक में कपड़ा क्षेत्र में सिलाई, बुनाई से लेकर कढ़ाई करने

दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की आज अहम बैठक होगी। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल भी शामिल होंगे। मनप्रीत सिंह बादल लंगर को जीएसटी मुक्त करने को लेकर अपनी बात रख सकते हैं।

परंपरागत कपास के धागे से बनाई गई राखियों पर जीएसटी नहीं लगेगा। वहीं गोल्ड और सिल्वर से बनी राखी पर 5% जीएसटी लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि कलावा सहित पूजा सामग्री पर जीएसटी नहीं लगेगा और कलावा के रूप वाली राखी पर भी यही छूट दी जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि बनाने में इस्तेमाल सामग्री के आधार पर राखी का वर्गीकरण होगा और उसी के मुताबिक उस पर जीएसटी लगेगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स ने इंडस्ट्री और पब्लिक की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में ये स्पष्टीकरण जारी किए। उसने यह भी स्पष्ट किया कि

आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है. संसद पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि GST लागू होने से संसद का ये सत्र नई उमंग से भरा होगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी एक साथ काम करने का दूसरा नाम है. उन्‍होंने GST का नया नाम बताते हुए इसे 'ग्रोइंग स्ट्रांगर टूगेदर' कहा. मीडिया से बात करते हुए मोदी ने कहा, इस बार लोगों को ध्यान मानसून सत्र पर कई अहम मुद्दों पर चर्चा को लेकर रहेगा. उन्होंने इस सत्र की शुरुआत में किसानों को नमन करते कहा, वे इस मौसम में कठोर परिश्रम कर देशवासियों के

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने से भले ही देश के अन्य राज्य आर्थिक हानि का रोना रो रहे हों, लेकिन इस नई व्यवस्था में हरियाणा की दसों उंगलियां घी में हैं. हरियाणा को सर्विस सेक्टर और 6 गैर जीएसटी (5 प्रकार के पेट्रोलियम पदार्थ और शराब) आइटम का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है. जिसकी बदौलत वित्त वर्ष 2017-18 में प्रदेश सरकार को सभी मदों से 48 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होगा, जोकि गत वित्त वर्ष की तुलना में 65.5 फीसदी अधिक है. प्रदेश सरकार के टैक्स राजस्व में मुख्य रूप से वैट, सीएसटी और एक्साइज ड्यूटी शामिल है.

जीएसटी लॉन्च करने के बाद अब केंद्र सरकार आम लोगों और व्यापारियों को इसके बारे में सही जानकारी देने में लगी है। इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी फाइंडर ऐप लॉन्च की है। इस ऐप की मदद से लोगों को किसी भी चीज पर लगने वाले जीएसटी की सही जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल यह ऐप एंड्रायज स्टोर में उपलब्ध है और जल्द ही इसे आईएसओ व विंडोज के लिए भी उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसे आप एंड्रायड प्ले स्टोर में GST Rate Finder लिखकर सर्च कर सकते हैं। इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद आप जैसे ही

हिमाचल में आम आदमी की थाली पर जी.एस.टी. की मार पड़नी शुरू हो गई है. इसके लागू होने के बाद से प्रदेश के राशन डिपुओं में राशन नहीं मिल रहा है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन की आपूर्ति ही नहीं हो रही है. इसके कारण करीब 16 लाख राशन कार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राज्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम ने राशन डिपुओं की राशन आपूर्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसके कारण प्रदेश के करीब 70 लाख उपभोक्ताओं को राशन डिपो पर जुलाई माह का राशन नहीं मिल रहा है. निगम का कम्प्यूटरीकृत सिस्टम जी.एस.टी. के

कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने इनेलो और बीजेपी पर एसवाईएल के मुद्दे पर भी राजनीति करने का आरोप लगाते। उन्होंने कहा कि, बीजेपी हमेशा लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांट कर वोट लेती है।जीएसटी पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि ईमानदारी से काम करने वालों को ढोल पिटने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लागू करने से पहले केंद्र सरकार को इसका सरलीकरण करना चाहिए था।