गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में चंद घंटों के भीतर कई बच्चों की मौत मामले में स्थानीय डीएम की जांच रिपोर्ट आ गई है. जांच रिपोर्ट में बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल आरके मिश्रा को मुख्य आरोपी ठहराया गया है. कहा गया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने के पीछे सबसे ज्यादा लापरवाही आरके मिश्रा की ओर से हुई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वित्तीय गड़बड़ी के चलते अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हुई. इस ओर भी इशारा किया गया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की खरीद में कमीशखोरी हो रही थी. डीएम की जांच रिपोर्ट

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गये. उनकी आंखें नम हो गयीं. उन्होंने कहा कि इंसेफ्लाइटिस से मौतों की पीड़ा को मुझसे ज्यादा कौन समझेगा. जांच समिति की रिपोर्ट आने दें. उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश के किसी भी हिस्से में किसी व्यक्ति की मौत अगर लापरवाही के कारण होती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब गुलाम नबी आजाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे, तब वह यहां आये थे. उस समय उन्होंने कहा था कि हम इस

गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे. हॉस्पिटल में होने वाली कुल मौतें 30 हैं. न मौतों की वजह आधिकारिक तौर पर भले ही नहीं बताई जा रही हो लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी ही कारण है. जबकि, यूपी सरकार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई. 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल