भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रहे गौतम गंभीर एर बार फिर से पिता बन गए हैं। बुधवार 21 जून को गंभीर के घर बेटी ने जन्म लिया। गंभीर ने इस बात की जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक तस्वीर के जरिए दी। गौतम गंभीर ने अपनी बड़ी बेटी की गोद में लेटी नवजात बेटी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि हमारे घर परी ने जन्म लिया है, इस दुनिया में स्वागत है नन्हीं परी। An angel blessing our family, An angel brightening our lives, Welcome to the world, little angel! ❤ pic.twitter.com/nrJ0hhuX9Y — Gautam Gambhir (@GautamGambhir) June 21, 2017 आपको बता दें कि

रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत की हार के बाद सोशल मीडिया पर काफी गहमा गहमी है. भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी एक ट्वीट कर अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ को आड़े हाथ लिया. गंभीर ने मीरवाइज को पाकिस्तान जाकर ईद मनाने की सलाह दे डाली. गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, "मीरवाइज़ के लिए एक सलाह है कि वो बॉर्डर के पार (पाकिस्तान) क्यों नहीं चले जाते? वहां आपको बेहतर पटाखे(चाइनीज) मिलेंगे. ईद भी वहीं मनाना, मैं आप का सामान बांधने में आपकी मदद करूंगा." A suggestion @MirwaizKashmir why don't u cross the border? U will get better fireworks (Chinese?), Eid

दिल्ली के एक बार में टीम इंडिया के क्रिकेटर गौतम गंभीर के नाम से शराब बिक रही है. ये पता चलते ही गंभीर कोर्ट पहुंच गए हैं. वे चाहते हैं कि यह रेस्ट्रॉन्ट और बार अपनी टैग लाइन से उनके नाम को हटाए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गंभीर अल्कोहल नहीं लेते हैं और उन्हें जब उनके नाम से ड्रिंक सर्व करने वाले रेस्ट्रॉन्ट का पता चला तो वे जमकर भड़क गए. इस मामले में मजेदार मोड़ तब आया, जब यह पता चला कि रेस्टोरेंट के ओनर का नाम भी गौतम गंभीर ही है और उसने दावा किया कि वह अपने नाम की

दिल्ली कश्मीर में लोगों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों को थप्पड़ मारने और बदसलूकी करने की घटना पर कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इस मामले को लेकर गंभीर ने ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने लिखा है कि सेना के जवान पर पड़ने वाला हर तमाचा 100 जिहादियों की जान के बराबर है. जो आजादी चाहते हैं वह मुल्क छोड़ दें. कश्मीर हमारा है. गंभीर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि देश विरोधी लोग ये जान लें कि तिरंगे में केसरी रंग- हमारे क्रोध की आग, सफेद- जिहादियों के लिए कफन और हरा– आतंक के खिलाफ घृणा