मंडी की कतांडा बीट में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश मिलने के बाद जांच को लेकर सरकार ने साफ किया है कि दो हफ्ते में मामले की जांच पूरी हो जाएगी। सरकार ने वीरवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ के सामने सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद भी अगर कोई संशय रह जाता है तो सीबीआई समेत किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। हाईकोर्ट के स्वयं संज्ञान के बाद शुरू

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर जनता सड़कों पर उतर आई है। हिमाचल के मंडी जिला के जंजैहली की सड़कों पर लोगों ने धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बाजार भी बंद रहे। पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेताया है कि यदि 29 जून तक मामला सीबीआई को नहीं सौंपा जाता है तो जनता शिमला में महाप्रदर्शन करेगी। यदि सरकार इस महा प्रदर्शन से भी नहीं जागेगी तो इसके 24 घंटे बाद चक्का जाम व प्रदेश सरकार के मंत्रियों का घेराव किया जाएगा।

वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि वन माफिया से निपटने के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। जंगलों के संरक्षण को प्रदेश सरकार वन रक्षकों की सुरक्षा को बनाई नीति को भी जल्द अमलीजामा पहनाएगी। आधुनिक हथियारों से लैस कर वन रक्षकों को और मजबूत किया जाएगा। जहां मोबाइल सिग्नल नहीं है, वहां वॉकी-टॉकी की भी व्यवस्था की जाएगी। मनाली में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री ने कहा कि फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच निष्पक्षता से की जा रही है। दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। वन विभाग जंगलों की रक्षा करने और वन

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत के मामले में वन कर्मियों के बाद अब सराज की जनता भी सड़क पर उतर आई है। सराज मंच के बैनर तले सराज के लोगों ने मंडी में गुस्से का गुबार निकाला। सैकड़ों लोगों ने नारों से सरकारी तंत्र पर चोट कर मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर के साथ गुस्साए लोगों ने हत्या को आत्महत्या में बदलना बंद करो, वन माफिया पे हल्ला बोल-हल्ला बोल, वन माफिया को फांसी हो-फांसी हो जैसे नारे लगाए।

मंडी के करसोग क्षेत्र में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत के पांच दिन बाद  सरकार हरकत में आई है। इस मामले में अब आरोपी खंड अधिकारी (बीओ) को निलंबित करने के साथ ही एपीसीसीएफ हरि सिंह डोगरा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच समिति मामले में विभागीय अधिकारियों और वन माफिया के बीच की कथित सांठगांठ की जांच करेगी। मंगलवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता कर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने यह जानकारी दी। भरमौरी ने कहा कि समिति में डोगरा के अलावा मंडी, सुंदरनगर और नाचन

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की डायरी में मिले नोट में अवैध कटान की बात धरातल पर सच साबित हो रही है। सोमवार को वन विभाग की टीम ने सेरी कतांडा बीट का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां भारी अवैध कटान के सबूत मिले हैं। टीम को करोड़ों की कीमत के देवदार के 68 पेड़ों के ताजे ठूंठ मिले हैं। इसके अलावा सड़क के नजदीक छिपाए दो दर्जन से ज्यादा देवदार के स्लीपर भी बरामद किए गए हैं। इन्हें वन विभाग ने कब्जे में ले लिया है। लोटरानाला के पास भी कई पेड़ों के ठूंठ मिले हैं। इतने बड़े पैमाने पर