बिहार में बाढ़ का कहर जारी है, खासकर उत्तरी बिहार और सीमांचल के जिलों की स्थिति अभी भी विकराल बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 161 तक पहुंच गई है। सिर्फ कोसी और सीमांचल इलाके में ही अब तक 108 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 40 की मौत अररिया जिले में हुई है। बाढ़ से बिहार के 21 जिले प्रभावित हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मार राज्य के 14 जिलों पर पड़ रही है। आज सुबह गोपलगंज जिले में गंडक की तेज धार में एक युवक बह गया। सदौवा के समीप एनएच-28 पार

गुरदासपुर जिले से गुजरते दरिया ब्यास और रावी में लगातार पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। दरिया ब्यास में पानी का स्तर बढ़ने के बाद किसानों द्वारा दरिया के किनारे बिजाई की गई गन्ने की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया। दरिया में अचानक बढ़े पानी से जहां फसलें पानी में डूब गई। वहीं संभावित बाढ़ के खतरे के चलते दरिया ब्यास के किनारे बसे फत्तू बरकतां, मूल्यांवाल, भसवाल, दलेरपुर खेड़ा समेत कई गावों के लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है। जबकि संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए कुछ परिवारों ने पलायन शुरू

बिहार में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर है. अररिया, पूर्णिया और किशनगंज के साथ-साथ कटिहार का कुछ हिस्सा बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में है. इसके अलावा सीमांचल, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण के कुछ इलाके भी बाढ़ में डूबे हुए हैं. उत्तरी बिहार और नेपाल के तराई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बरिश की वजह से अप्रत्याशित जल भराव हो गया है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है. बाढ़ से बेहाल किशनगंज, अररिया, फोरबिसगंज, जोगबनी और पश्चिम चम्पारण के नरकटियागंज में पानी घरों में घुस गया है. जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है.

यमुनानगर हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी उफान पर है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बरसात से यमुना नदी का जलस्‍तर काफी बढ़ गया है. हथनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 1.40 लाख क्यूसिक से ऊपर पहुंच गया है और यह खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है. इससे हरियाणा और दिल्‍ली के लिए बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. इस खतरे को देखत हुए बैराज से निकलने वाली उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा आैर दिल्‍ली की नहरों की जलापूर्ति रोक दी गई है. शिवालिक की पहाडि़यों पर हुई भारी बरसात के कारण क्षेत्र की बरसाती नदियों में