दिल्ली हाइकोर्ट ने जेएनयू के पूर्व शिक्षाविद से नेता बने एक व्यक्ति द्वारा कॉपीराइट के उल्लंघन पर एक कानूनी वाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रतिवादी के रूप में नाम हटाने का अनुरोध खारिज कर दिया और उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया. संयुक्त रजिस्ट्रार संजीव अग्रवाल ने आदेश पारित करते हुए कहा कि आवेदन कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है, क्योंकि याचिकाकर्ता (शिक्षाविद) को प्रतिवादी चुनने का हक है. अपने कानूनी वाद में पूर्व जेएनयू छात्र अतुल कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि पटना स्थित 'एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा अपने सदस्य सचिव शैबाल गुप्ता के जरिये

जाट आंदोलन में आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर 500 रुपये का जुर्माना लगा है।  हिसार के सीजेएम मनप्रीत सिंह की अदालत ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिसार-दिल्ली मार्ग पर गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक बाधित करने के जुर्म में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को 500 रुपये जुर्माना लगाया है। आरपीएफ ने इस बारे में 1 मार्च 2014 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने कई दिन गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक जाम रखा था। इससे रेलगाड़ियों को आवागमन