बठिंडा में एक किसान ने कर्जे तथा फसल खराब होने के चलते जहर खाकर जान दे दी। जानकारी के अनुसार तलवंडी साबो के गांव मिर्जिया में किसान चंद सिंह ने 8 लाख कर्जे के बोझ तथा फसल पर सफेद मक्खी के हमले से दुखी होकर जहर खाकर जान दे दी।

पंजाब में किसानों की खुदकुशी का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला तरनतारन के सरहदी गांव नोशहरा ढाला का है, जहां कर्ज से तंग किसान कुलवंत सिंह ने जगर खाकर खुदकुशी कर ली। कुलवंत सिंह पर आढ़तियों और सोसायटी का करीब सात लाख रुपए का कर्ज था। जिससे वो हमेशा परेशान रहता था। परिजनों के मुताबिक कुलवंत पर तीन एकड़ खेत था, जिसमें से एक एकड़ खेत कर्ज चुकाने के चलते बेच दिया। वहीं मामले की जांच कर रही है।

स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट और कर्ज माफी की मांग को लेकर सिरसा में किसानों का धरना 26वें दिन भी जारी है। पिछले 25 दिनों से डीएम ऑफिस के आगे धरने पर बैठे किसानों में पांच किसानों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सामन्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन और सरकार उनकी मांग नहीं मान रही है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अपना धरना जारी रखेंगे।

मध्यप्रदेश में किसानों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रतिदिन किसी न किसी किसान की मौत की खबर सामने आ रही है. अब तक, मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याओं के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उसमें एक नाम और शामिल हो गया है, सीहोर में एक 50 वर्षीय किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी के फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली है. इससे पहले कर्ज से परेशान एक और किसान ने शनिवार को सागर जिले के खुराई इलाके में चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतक किसान प्रेमलाल अहिरवाल (24) निवासी

पंजाब में कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला नहीं रुक रहा है। आए दिन किसान कर्ज से तंग आकर अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं। फिरोजपुर के मलावाला कस्बा के खचरवाला गांव में गुरदेव सिंह नाम के एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर अपनी जान दे दी। गुरदेव सिंह के पास चार एकड़ जमीन थी, जिस पर करीब तेरह लाख रुपए का कर्ज था। इस वजह से वो काफी समय से परेशान था, जिससे उसने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। किसान गुरदेव सिंह की मौत के बाद परिवार ने सरकार से कर्ज माफी की गुहार

कर्ज के बोझ तले दबे हिमाचल के जिला बिलासपुर के एक किसान ने आम के पेड़ से फंदा लगा आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार बरठीं के टिहरी का हितेश कुमार उर्फ भोला राम पिछले 10 वर्षों से साले की मौत के बाद से ससुराल सुंदडु में रहकर परिवार का गुजारा कर रहा था। उसने बैंक से लोन लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा। खनन पर रोक से उसका काम ठप हो गया। हितेश के बेटे अक्षय शर्मा ने पुलिस को बयान दिया है कि करीब दो साल पहले उसके पिता ने एक व्यक्ति से 22 हजार रुपये उधार लिए थे। हालांकि पैसा

फिरोजपुर में नहरी पानी नहीं मिने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि धान का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन 30 से 40 गांवों को पानी मुहैया करवाने वाली नहर अबतक सुखी पड़ी है, जिसके चलते उन्हें धान की बुआई करने में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। किसानों ने जल्द से जल्द नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। उधर,मामले में डीसी ने कहा कि संबंधित विभाग को आदेश दे दिए गए और जल्द ही नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।

पंजाब में किसानों की खुदकुशी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. संगरूर के सुनाम में कर्ज में डूबे एक किसान ने जहर खाकर अपनी जान दे दी. जानकारी के मुताबिक मृतक किसान ने मां के इलाज के लिए जमीन बेच दी, और बैंक से भी कर्ज लिया  लेकिन आर्थिक हालत खराब होने के चलते वो बैंक का कर्ज चुका नहीं पा रहा था, जिससे वो मानसिक रूप से परेशान रहता था, और इसी तनाव में उसने खुदकुशी कर ली, वहीं ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है.

बरनाला के छीनीवाल कलां गांव में धोखाधड़ी का शिकार हुए एक किसान ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस के मुताबिक सुखचैन सिंह ने सात साल पहले गांव के ही दर्शन सिंह से एक एकड़ जमीन तेरह लाख रुपए में खरीदी थी। इस दौरान दर्शन सिंह ने सुखचैन सिंह को ना तो जमीन का कब्जा दिया, और ना ही उनके तेरह लाख रुपए लौटाए, जिसके चलते सुखचैन सिंह मानसिक तौर पर परेशान रहता था और आखिरकार उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वहीं, पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पांच व्यक्तियों को अपनी मौत का

दिल्ली जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा वक्त से विरोध-प्रदर्शन करने रहे तमिलनाडु के किसानों का धैर्य शायद अब जवाब दे चुका है. किसानों ने शनिवार को अपना विरोध जताने के लिए पेशाब पिया. किसानों ने अब रविवार को मानव मल खाकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है. गौरतलब है कि तमिलनाडु के किसान केंद्र से कर्जमाफी और वित्तीय सहायता की मांग के साथ धरने पर बैठे हैं. सूखे के कारण उनकी फसल मारी गई है. इन किसानों की मांग है कि सरकार उनके लिए सूखा राहत पैकेज जारी करे. https://twitter.com/ANI_news/status/855676451097460736 किसान जंतर-मंतर में प्लास्टिक की बोतलों में मूत्र के साथ सामने आए. इससे पहले,