पंजाब से एक दिन में पांच किसानों की खुदकुशी का मामला सामने आया है। बठिंडा, खन्ना, श्री मुक्तसर साहिब और बटाला में किसानों ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। बठिंडा के तियोना गांव में कर्ज से परेशान किसान ने खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि किसान पर करीब सात लाख रुपए का कर्ज था, जिस वजह से किसान  काफी लंबे वक्त से परेशान चल रहा था। आखिरकार किसान ने ट्रेन के आगे कुदकर खुदकुशी कर ली। दूसरा मामला खन्ना से सामने आया है, यहां 28 साल के किसान कुलदीप सिंह ने तीन लाख रुपए के कर्ज

बठिंडा में एक किसान ने कर्जे तथा फसल खराब होने के चलते जहर खाकर जान दे दी। जानकारी के अनुसार तलवंडी साबो के गांव मिर्जिया में किसान चंद सिंह ने 8 लाख कर्जे के बोझ तथा फसल पर सफेद मक्खी के हमले से दुखी होकर जहर खाकर जान दे दी।

रामपुराफूल में नौ अगस्त को हुई किसान टेक सिंह खुदकुशी मामला गरमाता जा रहा है। किसानों ने आरोपी आढ़ती सुरेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की है। इसी को लेकर किसान यूनियन ने प्रशासन के खिलाफ जेठूके गांव के पास धरना दिया और चंडीगढ़-बठिंडा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने आरोपी आढ़तिए की सुरेश कुमार पर दर्ज मामला रद्द करने की मांग की। और बठिंडा-चंडीगढ़ रोड जाम कर दिया। आढ़तियों ने प्रशासन को पर्चा रद्द ना करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।  

पंजाब में एक और किसान की खुदकुशी का मामला सामने आया है। फरीदकोट के गुरुसर गांव में रहने वाले हरदीप सिंह ने छह लाख रुपए के कर्ज से परेशान होकर अपनी जान दे दी। जानकारी के मुताबिक किसान ने बैंक, सोसाइटी और आढ़ती से कर्ज लिया हुआ था।

श्री मुक्तसर साहिब के फतेहपुर मनिया गांव में किसान ने जहरीला पदार्थ पीकर खुदकुशी कर ली। कीटनाशक पीने के बाद किसान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया, जहां देर शाम किसान ने दम तोड़ दिया। मरने से पहले किसान ने पुलिस को आढ़ती और मुनीम के खिलाफ तंग करने का बयान दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। उधर, मेहराज में भी एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी की है।  

पंजाब में कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला नहीं रुक रहा है। आए दिन किसान कर्ज से तंग आकर अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं। फिरोजपुर के मलावाला कस्बा के खचरवाला गांव में गुरदेव सिंह नाम के एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर अपनी जान दे दी। गुरदेव सिंह के पास चार एकड़ जमीन थी, जिस पर करीब तेरह लाख रुपए का कर्ज था। इस वजह से वो काफी समय से परेशान था, जिससे उसने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। किसान गुरदेव सिंह की मौत के बाद परिवार ने सरकार से कर्ज माफी की गुहार

किसानों की आत्महत्या देश के कई राज्यों में सरकारों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है लेकिन पंजाब के इन सात जिलों में किसानों की आत्महत्या के मामलों में पिछले डेढ़ दशक में तिगुई बढ़ोतरी हुई है। पंजाब यूनिवर्सिटी के सर्वे में इस बात हुई पुष्टि हुई है। सर्वे में बताया गया है कि फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, पटियाला, रूपनगर, एसएएस नगर और श्री मुक्तसर साहिब में 2010 से 2016 के बीच 1309 किसानों ने खुदकुशी की। इससे पहले साल 2000 से 2011 के बीच यह आंकड़ा 365 था। जिनमें से 211 किसान थे और 154, कृषि मजदूर थे। जबकि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मंदसौर जाएंगे. किसान आंदोलन के दौरान यहां पुलिसिया गोलीबारी में 6 किसानों की मौत हुई थी, जिसके बाद आंदोलन ने हिंसा रूप ले लिया था. मध्य प्रदेश में किसानों के खुदकुशी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 24 घंटों में अभी तक 3 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. इस बीच खबर है कि शिवराज सिंह चौहान कल मंदसौर जाएंगे. गौरतलब है कि राज्य में शांति बहाली के मकसद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बीते शनिवार उपवास पर बैठे थे, उन्होंने लगभग 27 घंटे के बाद अपना उपवास