हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अपने मामलों की पैरवी करने के लिए ईमानदार वकील नहीं मिल रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह संयोग है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पी. चिदंबरम हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की पैरवी भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ही कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एक आरोपी को बचाने के लिए दूसरा आरोपी मदद कर रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जैसे-तैसे नए-नए केस करके बचने का प्रयास कर रहे हैं. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वीरभद्र सिंह

पौंगडैम के विस्थापितों के लंबित मसलों को तीन महीने में सुलझा दिया जाएगा. राज्य सरकार आैर राजस्थान के मंत्रियों आैर अधिकारियों के बीच में हुई बैठक के बाद इन सभी लंबित मसलों को 30 सितंबर तक हल करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजस्थान सरकार से पौंग बांध विस्थापितों को दोबारा स्थापित करने के लंबित मामले को निश्चित समय सीमा में हल करने को कहा है ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र न्याय मिल सके. इस मसले पर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि विस्थापितों को शीघ्र न्याय मिल सके, इसलिए जल्द ही इस पर काम

हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए। वीरभद्र सिंह अपनी पत्नी प्रतिभा के साथ कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी की ओर से जमानत की अपील की गई, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 29 मई को होगी।

रामपुर के सरकारी स्कूल में ईसाई समुदाय की मसीही महासत्संग प्रार्थना सभा के आयोजन को लेकर हुए बवाल पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में धर्म के नाम पर ऐसी घटनाएं कभी नहीं हुईं. सीएम ने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. धर्मनिरपेक्ष राज्य में हर किसी को धर्म के प्रति आस्था रखने और प्रार्थना करने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संस्थानों में धार्मिक आयोजन नहीं होने चाहिए. उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी सरकारी शिक्षण संस्थान में धार्मिक संस्थाओं के कार्यक्रम नहीं होंगे. ज्यूरी

पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के बाद विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस पार्टी एकदम मजबूत है और दोबारा से सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से भाजपा के संपर्क में कोई नहीं है। इक्का-दुक्का लोगों को छोड़कर सब पार्टी के साथ खड़े हैं। हिमाचल में कोई मोदी लहर नहीं पहुंची है और न ही कांग्रेस किसी तरह से भाजपा के दबाव में है। उन्होंने कांग्रेस के तमाम विधायकों का आह्वान किया कि

शिमला हिमाचल में वाहनों पर लाल बत्ती अब सिर्फ हाईकोर्ट के जज ही लगा सकेंगे. प्रदेश सरकार ने वीआईपी के लिए लाल, नीली या पीली बत्ती के प्रावधान से जुड़ी तमाम अधिसूचनाएं वापस लेकर मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, चेयरमैनों और अधिकारियों के वाहनों पर वीआईपी कल्चर की सूचक लाल, नीली व पीली बत्ती लगाने पर रोक लगा दी है. इसके लिए शुक्रवार को बाकायदा नई अधिसूचना जारी कर दी गई है. प्रदेश सरकार के इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है. केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के बाद बत्ती पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी करने वाला हिमाचल पहला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह , मनी लॉन्ड्रिंग मामले में को ईडी के सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ नया समन जारी किया है। नए समन के मुताबिक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को 20 अप्रैल को जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा। आधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ के तहत नया समन जारी किया गया है।