पकिस्तान में चीनी नागरिकों के लिए सख्त बिजनेस और वर्क वीजा नियम बनाने का निर्णय लिया गया है. गौरतलब है पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया है. वीजा को लेकर सख्त नियम बनाने का यह निर्णय इस्‍लामाबाद में गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान की अध्‍यक्षता में उच्‍चस्‍तरीय बैठक के दौरान लिया गया. हाल ही में हुई शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान दोनों देशे के बीच आई तल्खि देखने को मिली थी. इस समिट के दौरान चीन के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाब शरीफ को देखते हुए भी नजरअंदाज

पाकिस्तान को CPEC में सहयोगी बनाने के पीछे चीन का मकसद इस क्षेत्र में विकास को बड़े स्तर पर ले जाना ही नहीं है, बल्कि इसके जरिए ड्रैगन पाकिस्तान को अपना आर्थिक उपनिवेश बनाना चाहता है. पाक के एक अखबार में चीन द्वारा पाक को दिए गए सीपीईसी के लिए प्रपोजल का खुलासा हुआ है. इसके मुताबिक पाकिस्तान चीन को हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि चीन को लीज पर देगा, जहां चीन प्रदर्शनकारी योजनाओँ के साथा फाइवर ऑप्टिक्स सिस्टम भी लगाएगा. इस जमीन पर चीन को अपनी संस्कृति के प्रचार-प्रसार की भी सुविधा होगी। CPEC के जरिए अरब सागर में मौजूद बलूचिस्तान