पाकिस्तान को CPEC में सहयोगी बनाने के पीछे चीन का मकसद इस क्षेत्र में विकास को बड़े स्तर पर ले जाना ही नहीं है, बल्कि इसके जरिए ड्रैगन पाकिस्तान को अपना आर्थिक उपनिवेश बनाना चाहता है. पाक के एक अखबार में चीन द्वारा पाक को दिए गए सीपीईसी के लिए प्रपोजल का खुलासा हुआ है. इसके मुताबिक पाकिस्तान चीन को हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि चीन को लीज पर देगा, जहां चीन प्रदर्शनकारी योजनाओँ के साथा फाइवर ऑप्टिक्स सिस्टम भी लगाएगा. इस जमीन पर चीन को अपनी संस्कृति के प्रचार-प्रसार की भी सुविधा होगी। CPEC के जरिए अरब सागर में मौजूद बलूचिस्तान

दिल्ली चीन ने अपने दोस्त, पाकिस्तान की खातिर भारत से नई चाल चली है. चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) में किए गए लगभग 46 अरब डॉलर के निवेश के चलते चीन कश्मीर मुद्दे को हल करने में आतुर दिखता है. चीन, भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर मुद्दे पर दखल देने की मंशा रखता है. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में इस बात के संकेत दिए गए हैं कि कश्मीर में बड़ी भूमिका निभाने में चीन के अप्रत्यक्ष हित हैं. इसमें कहा गया है, ‘वन बेल्ट, वन रोड पर आने वाले देशों