दिल्ली केंद्र सरकार ने आईएएस तथा आईपीएस अधिकारियों समेत लगभग 67,000 कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू की है. ये समीक्षा खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है. बता दें कि यह समीक्षा सेवा तथा शासन प्रणाली को और बेहतर करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप आचार संहिता का पालन नहीं करने वाले लोग दंड के अधिकारी हो सकते हैं. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के लगभग 67,000 कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है. इसके जरिए

दिल्ली देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस सहित रिवाइज्ड अलाउंस 18 जुलाई से मिल सकता है. आने वाले दिनों में होने वाली कैबिनेट बैठक में अलाउंस से जुड़े मसले पर चर्चा के बाद इसे स्वीकार किए जाने की उम्मीद की जा रही है. इसमें हाउस रेंट अलाउंस से जुड़ा मुद्दा भी शामिल होगा. केंद्रीय कर्मचारियों के अलावा इस मुद्दे पर सरकार के फैसले का इंतजार है. गौरतलब है कि पिछले साल 28 जून को ही सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया था, लेकिन वेतन की कई सिफारिशों के बाद केंद्रीय