खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक इंस्पेक्टर ने शहर के एक डिपो होल्डर को थप्पड़ जड़ दिया। डिपो होल्डर ने थाना शहर पुलिस में इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत दी है और उस पर रक्षाबंधन के दिन 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने त्योहार के दिन उसको मशीन समेत कार्यालय में बुला लिया। वह उनके कहने पर मशीन भी ले आया। उसके मेज पर मशीन रखते ही थप्पड़ जड़ दिए। थाना शहर पुलिस ने शिकायत लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर ने पैसे मांगने के आरोपों को निराधार बताया है। डिपो होल्डर

चंडीगढ़ में सीबीआई की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में एसडीएम शिल्पी पातर दत्त को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने एसडीएम के पति और एक बिचौलिये को भी अरेस्ट किया है। एसडीएम शिल्पी पातर दत्त ने सेक्टर छब्बीस के एक शोरूम में सीलिंग हटाने की एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की पहली किस्त पचास हजार रुपए सेक्टर-27 के उनके घर पर दी जानी थी, जहां सीबीआई ने एसडीएम शिल्पी पातर दत्त को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक हरियाणा कैडर की एचसीएस ऑफिसर डेपुटेशन पर यूटी आई हुई थीं और इसके साथ

बठिंडा की विजिलेंस ब्यूरो ने गांव आकलिया मिर्जा के पटवारी को किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसएसपी विजिलेंस जगजीत सिंह ने बताया कि आकलिया मिर्जा गांव के किसान जगतार सिंह को अपनी जमीन पर लोन लेने के लिए जमाबंदी की जरूरत थी। किसान ने जब पटवारी बलदेव सिंह से संपर्क किया तो उसने इसके बदले 12  हजार रिश्वत मांगी। किसान और पटवारी में आठ हजार में सौदा तय हो गया था और पांच हजार पटवारी को किसान ने दे दिए थे। इसी दौरान किसान ने विजिलेंस अधिकारियों को सूचना दे दी और जब बची हुए

गुरुग्राम में विजिलेंस विभाग की टीम ने एक सब-इंस्पेक्टर को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सब इंस्पेक्टर बाअहीर गांव के सरपंच के पति से दो लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था। बताया जा रहा है, कि सरपंच सविता पर कुछ लोगों ने आरोप लगाये थे कि जिस मार्कशीट के आधार पर वो सरपंच के चुनाव लड़ी थी, वो मार्कशीट फर्जी है। इसके बाद इसकी जांच की गई तो 8वीं क्लास की मार्कशीट सही पाई गई, लेकिन इसके बाद भी सोहना एसीपी ने उन्हें जांच के लिए बुलाया और उसके बाद सब इंस्पेक्टर ने उन्हे गलत रिपोर्ट में