बिहार में आई बाढ़ की विभीषिका में मौत का आंकड़ा अब 304 के पार पहुंच चुका है. इस भीषण त्रासदी में जहां 18 जिले प्रभावित है वहीं तकरीबन 1.4 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, मोतिहारी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सहरसा, बेतिया, सुपौल और खगड़िया जिले प्रभावित है. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जो ताजे आंकड़े जारी किए है उसमें सबसे ज्यादा मौतें अररिया में हुई है. जहां पर 74 लोगों की जान चली गई है. एक तरफ जहां अररिया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज में नदियों का जलस्तर कुछ कम हो रहा है वहीं दूसरी

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है, खासकर उत्तरी बिहार और सीमांचल के जिलों की स्थिति अभी भी विकराल बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 161 तक पहुंच गई है। सिर्फ कोसी और सीमांचल इलाके में ही अब तक 108 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 40 की मौत अररिया जिले में हुई है। बाढ़ से बिहार के 21 जिले प्रभावित हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मार राज्य के 14 जिलों पर पड़ रही है। आज सुबह गोपलगंज जिले में गंडक की तेज धार में एक युवक बह गया। सदौवा के समीप एनएच-28 पार

भारी बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाई है. पिछले तीन दिन में अब तक बिहार में 41 लोगों की मौत हो चुकी है. लगभग 65.37 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसके साथ ही इस विनाशकारी बाढ़ ने असम और बंगाल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लिया है. वहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त है. देश के बाकी हिस्सों से पूर्वोत्तर का रेल संपर्क टूट गया है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बादल फटने की दो घटनाओं में छह लोगों की जान चली गई. छह सैन्यकर्मियों समेत दस लोग लापता हैं. बिहार में लगभग 65.37 लाख लोग बाढ़

बिहार में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर है. अररिया, पूर्णिया और किशनगंज के साथ-साथ कटिहार का कुछ हिस्सा बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में है. इसके अलावा सीमांचल, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण के कुछ इलाके भी बाढ़ में डूबे हुए हैं. उत्तरी बिहार और नेपाल के तराई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बरिश की वजह से अप्रत्याशित जल भराव हो गया है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है. बाढ़ से बेहाल किशनगंज, अररिया, फोरबिसगंज, जोगबनी और पश्चिम चम्पारण के नरकटियागंज में पानी घरों में घुस गया है. जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है.

उत्तरप्रदेश के बाद बिहार में भी अवैध बूचड़खानों पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। पशु और मत्स्य पालन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शनिवार को करीब 140 अवैध बूचड़खानों को बंद करने की बात कही। बिहार के मंत्री ने कहा, 'मैंने डिपार्टमेंट के सचिव से राज्य के सभी बूचड़खानों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इनमें लाइसेंस वाले और अवैध बूचड़खानों को शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट और नियमों के आधार पर सभी अवैध बूचड़खाने बंद करने की बात कही।' बताया जा रहा है कि नियमों के मुताबिक, सिफ्र दो बूचड़खाने ही वैध हैं जिनमें एक अरारिया जिले

बिहार के पटना में एक नाबालिग लड़की को उसके प्रेमी ने धोखा दे दिया. प्रेमी ने लड़की को मिलने के लिए धोखे से बुलाया. जब लड़की प्रेमी से मिलने पहुंची तो उसने अपने तीन दोस्तों के साथ लड़की के साथ गैंगरेप किया. इसके बाद लड़की का गला दबाकर उसे मरा हुआ समझकर पुनपुन नदी में फेंक दिया. लेकिन संयोगवश पीड़िता की जान बच गई. पीड़िता नदी से बाहर निकली और पुलिस के पास जाकर मामला दर्ज कराया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के मात्र 6 घंटे के अंदर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मिली जानकारी के मुताबिक, फतुहा थाना

पटना बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद लालू प्रसाद यादव को पटना हाईकोर्ट से दूसरा झटका लगा है। अदालत ने राजद द्वारा नीतीश कुमार की नई सरकार के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने इस यचिका को यह कहते हुए खारिज किया है कि राज्य में बहुमत साबित हो चुका है और कोर्ट इसमें अब हस्तक्षेप नहीं कर सकती। कोर्ट ने आगे कहा कि पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सरकार का गठन किया गया है। बता दें कि गठबंधन टूटने के बाद राजद ने नई सरकार के खिलाफ याचिका लगाई थी। राजद का तर्क था कि उसके पास ज्यादा

बिहार सरकार में जेडीयू कोटे से मुस्लिम मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद की ‘जय श्री राम का नारा’ लगाने के बाद मुस्किलें बढ़ गई है. इमारत शरिया के मुफ्ती सुहैल अहमद कासमी ने एक फतवा जारी करके खुर्शीद को इस्लाम से बेदखल कर दिया है. इतना ही नहीं फतवे के आधार पर उनका निकाह भी टूट गया है. फतवे के अनुसार उन्हें अपने इस काम के लिए तौबा करके फिर से निकाह करना होगा. अपने खिलाफ जारी फतवे पर प्रतिक्रिया जारी करते हुए खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने कहा, ”किस उम्मीद के साथ क्या मकसद लेकर मैंने जय श्री राम के नारे

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) ने गुरुवार रात को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के पेट्रोल पंप का लाइसेंस कैंसिल कर दिया. उनका लाइसेंस रद्द करने के पीछे कारण बताया गया है कि उन्होंने पेट्रोल पंप का लाइसेंस पाने के लिए गलत जानकारी के आधार पर आवेदन किया था. बताया जा रहा है कि गुरुवार को बीपीसीएल अधिकारियों की एक टीम लारा पेट्रोल पंप पहुंची और लाइसेंस रद्द होने का नोटिस दे दिया. बीपीसीएल ने ये कार्रवाई तब की जब कोर्ट ने तेज प्रताप यादव के पेट्रोल पंप पर तेल कंपनी की कार्रवाई