बिहार में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। राज्य में पिछले 24 घंटे में बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 32 लोगों की मौत हुई है, जिससे राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 514 हो गई है। हालांकि प्रशासन के मुताबिक राज्य में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। राज्य में 19 जिले में 1.71 करोड़ लोग अब भी इस विभीषिका का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ पर समीक्षा बैठक की।मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित

बिहार में आई बाढ़ की विभीषिका में मौत का आंकड़ा अब 304 के पार पहुंच चुका है. इस भीषण त्रासदी में जहां 18 जिले प्रभावित है वहीं तकरीबन 1.4 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, मोतिहारी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सहरसा, बेतिया, सुपौल और खगड़िया जिले प्रभावित है. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जो ताजे आंकड़े जारी किए है उसमें सबसे ज्यादा मौतें अररिया में हुई है. जहां पर 74 लोगों की जान चली गई है. एक तरफ जहां अररिया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज में नदियों का जलस्तर कुछ कम हो रहा है वहीं दूसरी

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है, खासकर उत्तरी बिहार और सीमांचल के जिलों की स्थिति अभी भी विकराल बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 161 तक पहुंच गई है। सिर्फ कोसी और सीमांचल इलाके में ही अब तक 108 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 40 की मौत अररिया जिले में हुई है। बाढ़ से बिहार के 21 जिले प्रभावित हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मार राज्य के 14 जिलों पर पड़ रही है। आज सुबह गोपलगंज जिले में गंडक की तेज धार में एक युवक बह गया। सदौवा के समीप एनएच-28 पार