आम आदमी पार्टी के पंजाब संयोजक भगवंत मान ने बरनाला में पार्टी वालंटियर्स के साथ मीटिंग की, हालांकि इस दौरान भगवंत मान को वालंटियर्स के तीखे सवालों का भी सामना करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक मीटिंग में वालंटियर्स ने आम आदमी पार्टी की उच्च लीडरशिप की आपसी दूरियों को लेकर सवाल किया, वहीं बैठक के बाद भगवंत मान ने बताया कि पार्टी जल्द ही जिला स्तर, हलका स्तर और बूथ लेवल पर प्रधान की नियुक्ति करेगी, उन्होने कहा कि हर विधानसभा हलके को तीन ब्लाकों में बांटा जाएगा, साथ ही उन्होने प्रदेश सरकार को लेकर भी सवाल उठा.

पंजाब में आम आदमी पार्टी में उठापटक के बीच पार्टी के पंजाब संयोजक भगवंत मान ने आज विधायकों की चंडीगढ़ में बैठक बुलाई है, जिसमें पंजाब में पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। आम आदमी पार्टी पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद, भगवंत मान ने आक्रामक रवैया अख्तियार कर लिया है। उन्होंने पंजाब में पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने के लिए रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। कन्वीनर बनने के बाद ये विधायकों के साथ उनकी पहली बैठक होगी। इससे पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीते सप्ताह दिल्ली में पहली बार आप विधायकों की

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर दिल्ली में घमासान चल रहा है तो वहीं अब पंजाब में आप के सामने नई मुसीबत आ गई है. आप नेता गुरप्रीत सिंह वड़ैच ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है. वह भगवंत मान को पंजाब आप का संयोजक बनाए जाने से नाराज थे. ‘आप’ ने गुरप्रीत सिंह वड़ैच को पंजाब के संयोजक पद से हटाया था. गुरप्रीत सिंह वड़ैच ने बुधवार को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि बुरे वक्त में मैंने पार्टी का साथ दिया. मुझे संयोजक पद से हटाया गया इससे

AAP में गृहयुद्ध से गुजर रही आम आदमी पार्टी अब अपने संगठन में बदलाव कर रही है. पार्टी ने पंजाब के नये संयोजक के रूप में सांसद भगवंत मान को चुना है, जिसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी में हलचल सी मच गई है. हालांकि इस पद को देने के साथ ही अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के सामने एक शर्त भी रखी. केजरीवाल ने मान से कहा है कि उन्हें शराब छोड़नी होगी, अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनसे पद वापस ले लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, भगवंत मान को पंजाब आप का संयोजक बनाने का फैसला केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक और पंजाब में संगरूर से सांसद भगवंत मान ने कहा, 'ईवीएम में गलती ढूंढने का कोई मतलब नहीं जब पार्टी नेतृत्व ने चुनावों की पूरी रणनीति को लेकर ऐतिहासिक भूल की हो. हार के कारणों की जांच के लिए पार्टी को सबसे पहले अपने अंदर की कमियां को देखना चाहिए.' मान ने बात एक अंग्रेजी अखबार के साथ बातचीत के दौरान कही.