10वीं और 12वीं कक्षा में दस फीसदी से कम परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों की इंक्रीमेंट रोकी जाएगी. आपको बता दें कि उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से एक हफ्ते के भीतर दोनों बोर्ड कक्षाओं के परीक्षा परिणाम का पूरा ब्योरा तलब कर लिया है। बोर्ड कक्षाओं में बेहतर नतीजे नहीं देने वाले शिक्षकों पर दबाव बनाने का दौर फिर शुरू हो गया है. पिछले साल भी शिक्षा विभाग ने खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों को सस्पेंड करने, इंक्रीमेंट रोकने और तबादले करने की चेतावनियां दी गईं थी. लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं