अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए हमले की जांच के सिलसिले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने पूछताछ के लिए पीडीपी विधायक एजाज अहमद मीर के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है. मीर का ड्राइवर जम्मू कश्मीर पुलिस से है. इसी हफ्ते सोमवार को अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाकर आतंकियों ने अनंतनाग के बाटेंगू में श्रद्धालुओं की एक प्राइवेट बस पर हमला कर दिया था. इसमें 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 21 घायल हुए थे. पीडीपी विधायक मीर का ड्राइवर तौसीफ अहमद पुलवामा का रहने वाला है. पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी आतंकी केस से जुड़ी हुई है. सूत्रों के मुताबिक यात्रा पर हुए

अमरनाथ यात्रियों पर सोमवार को हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है. ट्विटर पर कई जानी-मानी हस्तियों ने इस हमले की निंदा की है. इसी बीच भारतीय पूर्व क्रिकेटर सचिन, वीरेंद्र सहवाग सहित कई क्रिकेटरों  ने भावुक कर देने वाला ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, जब फौजी होकर बेटा शहीद हो जाता है तो मां रोती हैं. मां तीर्थ पर आतंकवादी द्वारा मारी जाए तो बेटा रोता है. ऐसा इंतजार भगवान किसी के हिस्से में न दे. https://twitter.com/virendersehwag/status/884671290182729728 https://twitter.com/sachin_rt/status/884491011250151425   https://twitter.com/ImRaina/status/884480776745648128 https://twitter.com/VVSLaxman281/status/884594574303219712 https://twitter.com/anilkumble1074/status/884579635266293760 https://twitter.com/MohammadKaif/status/884447565021798400 https://twitter.com/ImRo45/status/884642133524844544 https://twitter.com/SDhawan25/status/884699326630445056 https://twitter.com/harbhajan_singh/status/884466822338289664

अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को अस्पताल में घायलों से मुलाकात की. उन्होंने हाथ जोड़कर हमले पर अफसोस जताया। बाद में कहा- ''सभी कश्मीरियों के सिर शर्म से झुक गए.'' इस बीच, कश्मीर के IG मुनीर खान ने कहा कि हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है. मास्टर माइंड लश्कर का पाकिस्तानी टेररिस्ट इस्माइल है. केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने भी कहा, "हमले के दोषियों को बख्शने का सवाल ही नहीं है। हमारा पड़ोसी आतंकवाद को प्रमोट कर रहा है." बता दें कि अनंतनाग में सोमवार रात हुए इस हमले में 5 महिलाओं

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावों को धता बताते हुए आतंकियों ने सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बटेंगू में अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमला कर गुजरात के सात यात्रियों की जान ले ली। बाइक से आए आतंकी गुजरात के वलसाड़ से आए तीर्थयात्रियों की बस पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर भाग निकले। हमले में 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच पुलिसकर्मी हैं। अमरनाथ यात्रियों पर इससे पहले 1 अगस्त 2000 को बड़ा हमला हुआ था, जिसमें 30 लोग मारे गए थे। एक आतंकी की पहचान हमले की शिकार बस में सभी श्रद्धालु गुजरात के बताए गए

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में नेशनल हाइवे पर लैंडस्लाइड हुई है। लैंडस्लाइड की वजह से हाइवे पर दोनों तरफ की आवाजाही रोक दी गई है और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लैंडस्लाइड का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है, सभी अमरनाथ यात्रियों के तीसरे जत्थे को जम्मू में ही रोक दिया गया है।

जम्मू बेसकैंप से अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवानां हो चुका है. ये जत्था जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के नेत्तृव में कड़ी सुरक्षा के साथ रवाना हुआ है. पहलगाम और बालटाल के मार्ग में आंतकी हमले की संभावना है. कश्मीर में सालाना होने वाली अमरनाथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है. वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा पर आतंकवादी हमले की संभावना है. प्रशासन ने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम शामिल करने के साथ ही सुरक्षा पैमाने को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है.

जम्मू-कश्मीर में अगले महीने शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को आतंकी हमलों से महफूज रखने के लिए भारतीय सेना ने यात्रा की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं. बताया जा रहा है कि 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए भारतीय सेना के पांच बटालियन के 5000 जवान अलग से तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल के 30 हजार जवानों को भी तैनात किए जाने की खबरें हैं. ईद-उल-फितर और अमरनाथ यात्रा जैसे दो महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों के आसपास होने के चलते आतंकी हमलों की आशंका बढ़ जाती है. आपको

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र आतंकियों से लड़ाई लड़ रही सुरक्षा एजेंसियों का सामना अब नए शत्रु ‘बेडरूम जिहादियों’ से हो रहा है जो अफवाहें फैलाने और युवाओं को प्रभावित करने के लिए अपने घरों में बैठकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो यही नया युद्ध क्षेत्र है और यही नई लड़ाई है. लेकिन यह लड़ाई पारंपरिक हथियारों से परंपरागत युद्ध क्षेत्रों में नहीं लड़ी जा रही बल्कि नए दौर के जिहादी युद्ध छेड़ने के लिए कंप्यूटरों और स्मार्टफोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसा वह कहीं से भी, कश्मीर के भीतर और बाहर, अपने घर में सुरक्षित