उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। सत्ता में आने के एक महीने बाद ही योगी सरकार ने पूर्व अखिलेश सरकार के समय शुरु की गई स्मार्ट फोन योजना को रद्द कर दिया है। योगी सरकार अखिलेश सरकार का नाम प्रदेश से मिटाने के लिए जी-जान लगा रही है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान योगी आदित्य नाथ ने कई बड़े फैसले लिए। बुधवार को योगी सरकार ने फैसला किया कि समाजवादी पार्टी सरकार की स्मार्ट फोन योजना समेत जनेश्वर मिश्रा ग्राम योजना, लोहिया आसरा और

लखनऊ समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सूबे की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी ने जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर और झूठे वादे कर सत्‍ता हासिल की है. यह सरकार लोगों को धोखा देकर बनी है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के झूठ के खिलाफ रास्‍ता खोले जाने की जरूरत है. इसके लिए विपक्षी दलों के गठबंधन की जरूरत होगी. इस गठबंधन में सपा की अहम भूमिका होगी. वैसे भी सपा सभी के साथ हैं. उन्‍होंने यह भी कहा कि इसके लिए देश के सभी नेताओं से बात