पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार और नाटककार प्रोफेसर का आज मानसा में अंतिम संस्कार किया गया। प्रोफेसर अजमेर सिंह औलख पिछले लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे, जिनका पिछले दिनों मोहाली के अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार सुबह उन्होंने मानसा में अपने घर पर अंतिम सांस ली। प्रोफेसर औलख को कई नामी पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर औलख ने पंजाबी साहित्य और नाटक में कीर्ति और छोटे किसानों की बात की।

पंजाबी नाटककार और साहित्यकार अजमेर सिंह औलख का मानसा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्हें साल 2008 में कैंसर हुआ था जिसके चलते उनकी रीड की हड्डी में तकलीफ शुरू हो गई थी। अमजेर सिंह औलख एक महीने फोर्टिस अस्पताल में भर्ती रहने के बाद पिछले हफ्ते ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। अजमेर सिंह औलख एक प्रसिद्ध नाटककार और साहित्यकार थे। कल मानसा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें, कि पंजाब कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कैंसर पीड़ित अजमेर औलख के इलाज का 8 लाख रुपए का बिल अपनी जेब से