कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता और दिल्‍ली में लगातार तीन बार मुख्‍यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्‍मान के साथ स्‍वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्‍थान पर रही. शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस

दिल्ली एमसीडी चुनाव में 270 सीटों पर रुझान सामने हैं. अगर यही रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं तो ये साफ है कि बीजेपी एमसीडी में जीक की हैट्रिक लगाने जा रही है. बहरहाल, इन रुझानों के लिए दिल्ली और देश के सियासी खिलाड़ियों के क्या मायने हो सकते हैं ये हम आपको बताते हैं. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को करारी मात दी थी. ये वो वक्त था जब लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता चरम पर थी. इसी जीत के दम पर कई विश्लेषकों ने आम आदमी पार्टी को विपक्षी पार्टी