झारखंड सरकार ने संथाली महिलाओं के अश्लील चित्रण का आरोप लगाते हुए डॉ. हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘आदिवासी विल नॉट डांस’ पर बैन लगा दिया है. सरकार को इस किताब की एक कहानी पर आपत्ति है जिसमें एक ऐसी संथाल महिला की कहानी है जिसे महज पकौड़े खाने के लिए अपना शरीर बेचना पड़ता है. खास बात ये है कि जिस किताब को बैन किया गया है उसके लिए लेखक को 2015 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार मिल चुका है. ये मुद्दा शुक्रवार को राज्य की विधानसभा में विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उठाया और किताब पर प्रतिबंध लगाने की