हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर चेक करने वाले शिक्षकों ने आंखें बंद कर ही बच्चों को जीरो नंबर दे दिए हैं। पुनर्मूल्यांकन के बाद 12वीं कक्षा के ये बच्चे प्रथम श्रेणी में पास हो गए थे। शिक्षा बोर्ड ने माना कि बच्चों के पेपर शिक्षकों ने ढंग से चेक किए नहीं किए और बिना जांचे ही नंबर दे दिए हैं। बोर्ड ने जांच के बाद गलत मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों के नाम कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय को भेज दिए हैं। अब उन पर कार्रवाई निदेशालय ही करेगा। आपको बता दें,