हिमाचल प्रदेश आउट सोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों के महासंघ ने प्रदेश सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. महासंघ ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द ही स्थायी नीति नहीं बनाई गई तो वे संघर्ष का रास्ता इख्तियार करेंगे. उन्होंने कहा कि वह सरकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर ऐसे में हालात बिगड़ते हैं तो प्रदेश सरकार ही उसके लिए जिम्मेवार होगी. बिलासपुर में महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष धीरज चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 26 और 27 मई को बुलाया गया है. इस सत्र में जीएसटी बिल को मंजूरी देने के लिए बुलाया गया है. 27 मई को जीएसटी विधेयक से जुड़ा प्रस्ताव पेश होगा, आपको बता दें कि प्रदेश सरकार को जीएसटी लागू होने से माल-भाड़े की अलग-अलग दरों से छुटकारा मिल जाएगा. पहले ये सत्र एक दिन के लिए ही बुलाया गया था, लेकिन इसी बीच राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्ण सिंह के देहावसान के बाद सत्र दो दिन के लिए तय किया गया है.