शिमला आईजीएमसी में स्वाइन फ्लू से रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी की मौत के बाद डेंटल कॉलेज का एक कर्मचारी भी इस बीमारी की चपेट में आ गया है. यह कर्मी प्रास्थोडॉन्टिक्स विभाग में कार्यरत है. यह वह विभाग है जिसके हेड कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरपी लुथरा हैं. कॉलेज के ही एक कर्मी को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने से कॉलेज में हड़कंप मच गया है. इस विभाग में कुल 40 लोगों का स्टाफ है. इसमें पीजी डॉक्टर तक शामिल है. हवा के संपर्क से यह रोग अन्य में भी फैलने की आशंका बनी है. बुधवार को अपने ही विभाग के कर्मी

स्वाइन फ्लू , इनफ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस के अपेक्षाकृत नए स्ट्रेन इनफ्लुएंजा वायरस A से होने वाला इनफेक्शन है. इस वायरस ने अब  हमला करने का वक्त बदल गया है, अब ये सर्दियों के बजाय गर्मियों में भी हमला बोलने लगा है. विशेषज्ञों का मानना है कि वायरस का स्ट्रेन बदलने पर भी यह नया बदलाव हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो यह खतरे की घंटी भी हो सकती है, क्योंकि मौजूदा दवाएं इसकी रोकथाम में पूरा असर नहीं करेंगी. हिमाचल ही नहीं बल्कि राज्य से बाहर की बड़ी प्रयोगशालाओं में भी स्ट्रेन बदलने के संदेह पर जांच चल रही