चंडीगढ़: निजी बसों के संचालन को लेकर छिड़ा विवाद थमता नहीं दिख रहा. विवादित निजी बस रूट परमिट पॉलिसी को रद कर प्रदेश सरकार ने नया ड्राफ्ट तो जारी कर दिया, लेकिन न तो इससे रोडवेज कर्मचारी यूनियनें संतुष्ट हैं और न निजी बस संचालक. रोडवेज कर्मचारी फिर से आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं तो वहीं निजी बस संचालक ड्राफ्ट को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे. नए ड्राफ्ट में परिवहन विभाग ने 452 रूट बनाते हुए एक माह में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं. इनमें से ज्यादातर वर्ष 1993 की पॉलिसी के हैं जिन पर रोडवेज कर्मचारियों ने खूब