जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में हिंसा और अशांति के हालातों के बीच बातचीत की वकालत की. मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दिए एक बयान में कहा कि सीमा पर हमारे सैनिक मर रहे हैं. बंदूक और फौजी ताकतें किसी समस्या का हल नहीं हो सकता. बातचीत से ही मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं. जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र का गला घोंटा गया, कश्मीर में आतंकवाद कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की देन है. सेना हालात सामान्य नहीं कर सकती.  महबूबा ने कहा, 65 की जंग हुई, 71 की जंग हुई, क्या हासिल हुआ? जंग में दोनों तरफ के गरीब लोग ही मारे जाते हैं.