मानसून लगातार सितम ढा रहा है. भारी बारिश व बाढ़ से बुधवार को उत्तर प्रदेश में सात, असम में पांच, मध्य प्रदेश में दो, उत्तराखंड दो व बिहार में एक व्यक्ति की मौत हो गई. ज्यादातर पहाड़ी व मैदानी राज्यों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. कई राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. वहीं उत्तराखंड में भूस्खलन व बारिश से तीर्थ यात्रियों को खासी दिक्कतें हुईं. राज्यभर में नदी-नाले उफान पर हैं. हरिद्वार में गंगा चेतावनी रेखा से ऊपर बह रही है। टिहरी झील के जल स्तर में तीन मीटर का

मध्य प्रदेश में शांति बहाली के लिए गांधीवादी स्टाइल अपनाने के दूसरे दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपना उपवास तोड़ दिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी ने शिवराज को नारियल पानी पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया. उपवास तोड़ने पहले अपने संबोधन में शिवराज सिंह ने एक बार फिर किसानों के साथ होने की बात दोहराई साथ ही हिंसा के लिए जिम्मेदार तत्वों पर कार्रवाई की बात कही. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह एसी कमरों में बैठने वाले सीएम नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'जब-जब किसानों पर संकट आया, मैं मंत्रालय, सीएम हाउस से निकलकर खेतों तक गया.' सीएम ने अपने

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के लगातार छठे दिन हिंसा हो रही है. मंदसौर में एक दिन पहले फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी. इसके बाद गुस्साए किसानों ने बुधवार को जिले के बरखेड़ा पंत में एसपी और कलेक्टर के साथ धक्कामुक्की की. कलेक्टर को सिर पर मारा. उनके कपड़े भी फट गए. मामला यही नहीं थमा. फायरिंग में मारे गए एक शख्स के अंतिम संस्कार के बाद भीड़ पुलिस की ओर दौड़ी. पुलिस के कई जवान जान बचाने के लिए भागकर पिपलिया मंडी थाने लौट गए. थाने के बाहर 600 जवान और उतने ही किसान अामने-सामने हो गए. मीडियाकर्मियों

मध्य प्रदेश में जारी किसान आंदोलन में हिंसा का दौर थम नहीं रहा है. मंगलवार को मंदसौर में आंदोलनकारियों ने 8 ट्रक और 2 बाइक को आग के हवाले कर दिया. पुलिस और सीआरपीएफ पर पथराव भी किया. हालत पर काबू पाने के लिए सीआरपीएफ की फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए. इसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. एमपी के होम मिनिस्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस की तरफ से कोई फायरिंग नहीं हुई. बता दें कि किसान कर्ज माफी समेत कई मांगें कर रहे हैं. एक धड़े का सरकार से समझौता