कश्मीर घाटी में शुक्रवार को प्रशासन ने इंटरनेट व ब्रॉडबैंड सेवाओं को बंद कर दिया. इसके अलावा प्रशासन ने श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू जैसा प्रतिबंध भी लगा दिया है. अलगाववादियों ने हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के एक साल पूरा होने पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है. इसके मद्देनजर प्रशासन ने यह कदम उठाया है. वुरहान वानी पिछले साल अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में  मारा गया था. बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी 54 दिनों तक अशांत रही. इसमें 94 प्रदर्शनकारियों की  जान गई और 200 से

मारे गए आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर हंगामे की आशंका को देखते हुए अलगाववादी नेताओं के खिलाफ सुरक्षा बलों ने धरपकड़ अभियान चला रखा है. हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है. दूसरी ओर यासीन मलिक को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है. इनके अलावा अन्य स्थानीय नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है. बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर के आईजीपी मुनीर खान ने कहा कि अलगाववादी नेताओं की ओर से हंगामे की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. हालांकि इंटरनेट ब्लॉक करने को लेकर