1984 के सिख विरोधी दंगों में उत्तर प्रदेश में अपनी सारी संपत्ति गंवाकर पंजाब आ बसे दंगा पीड़ितों ने मुआवजे के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और केंद्र सरकार को 2 अगस्त तक इस मामले में पक्ष रखने के आदेश दिए हैं. मामले में याचिका दाखिल करते हुए पीड़ितों की ओर से इंद्रबीर सिंह छटवाल ने कहा कि दंगों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ था. इस दौरान पंजाब के साथ ही उत्तर प्रदेश व अन्य हिस्सों में लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था. ऐसे ही कुछ

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने दिए पिछली सरकार की ओर से चलाई गई लोक कल्याण की सभी योजनाओं की समीक्षा के आदेश दिए हैं. आपको बता दें कि इस समीक्षा कि रिपोर्ट के लिए अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया है। कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने बताया कि अधिकारियों को रिपोर्ट सौपने के लिए पंद्रह दिनों का वक्त दिया गया है, साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई फर्जी लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ उठाता पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.