बीजिंग रूस ने डोकलाम के मुद्दे पर तटस्थ रवैया अपनाया है। रूस ने भारत को बदनाम करने वाली चीन की नीति के बहकावे में आने से इनकार कर दिया है। इस मुद्दे पर मॉस्को के रुख का असर भारत और रूस रिश्तों पर भी पड़ेगा। इससे ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका भी प्रभावित होती। चीन की कोस्टल सिटी जियामेन में रविवार को ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के लीडर्स सम्मेलन में शिरकत करेंगे। - डोकलाम विवाद पर रूस का रुख चीन में मौजूद उसके एम्बेसडर एंद्रे जिनसोव के बयान से भी साफ हो गया था। - रूसी एम्बेसडर ने बीजिंग में रशियन

सिक्किम क्षेत्र में डोकलाम के मुद्दे पर चीन के साथ 2 महीने से भी लंबे समय तक जारी गतिरोध अब समाप्त होने जा रहा है। भारत और चीन दोनों देश डोकलाम से अपनी सेना हटाने को तैयार हो गए हैं। कूटनीतिक और रणनीतिक तौर पर इसे भारत की जीत माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। MEA Press Statement on Doklam Disengagement Understanding pic.twitter.com/fVo4N0eaf8 — Raveesh Kumar (@MEAIndia) August 28, 2017 विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, 'हाल के हफ्तों के दौरान भारत और चीन ने डोकलाम को लेकर कूटनीतिक बातचीत

नई दिल्ली: डोकलाम को लेकर भारत से तनातनी के बीच चीन की सेना ने युद्ध का अभ्यास किया है. ये अभ्यास चीन की सेना के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने किया है. ये चीन की सेना की सबसे बड़ी कमांड मानी जाती है. वहीं, भारतीय सेना भी इस बीच लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है. सेना की तरफ से टी-90 टैंक में तीसरी पीढ़ी की मिसाइल प्रणाली लगाने की तैयारी की जा रही है. चीन ने युद्धाभ्यास में किया टैंक और मिसाइलों का इस्तेमाल ये युद्धाभ्यास चीनी सेना के वेस्टर्न थिएटर कमांड की तरफ से किया गया है. बड़ी बात यह है कि भारतीय