वाशिंगटन अमेरिका का ट्रंप प्रशासन चीन के खिलाफ उसके अनुचित व्यापार व्यवहार को रोकने के लिए अमेरिकी व्यापार कानून के उन प्रावधानों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है जिनका अब तक बहुत कम इस्तेमाल किया गया है. अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह कहा गया है. वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रशासन अमेरिकी व्यापार कानून के उन कुछ गिने चुने प्रावधानों को अमल में लाने पर विचार कर रहा है जिनका अब तक बहुत कम इस्तेमाल किया गया है. इनके तहत यह पता लगाया जाएगा कि क्या चीन की बौद्धिक संपत्ति नीतियां अनुचित व्यापार व्यवहार

कोलंबो सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर भारत से उलझे चीन को श्रीलंका से तगड़ा झटका लगा है। श्रीलंका में बंदरगाह बना रहे चीन के सामने नई शर्तें लगा दी गई हैं और गौर करने वाली बात ये है कि श्रीलंका ने भारत के सामरिक हितों को ध्‍यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। इस संबंध में श्रीलंका कैबिनेट ने मंगलवार को हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करने के लिए एक संशोधित समझौता पास किया। श्रीलंका चीन की कंपनी की मदद से हंबनटोटा पोर्ट को विकसित करना चाहता है। इसके तहत किए गए पहले समझौते का खुद श्रीलंका में ही लोगों ने

चीन के पश्चिमी शहर काशगर में अब मुस्लिमों को मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जाने से पहले मेटल डिटेक्टर के सामने से गुजरना होगा. यह शिनजियांग प्रांत की उइगर मुस्लिम आबादी पर चीन की कम्युनिस्ट सरकार की तरफ से लागू नई व्यवस्था है. इससे पहले इस मुस्लिम बहुल प्रांत में दाढ़ी रखने और खुले में नमाज पढ़ने पर रोक है. कुछ साल पहले तक काशगर की सेंट्रल मस्जिद के बाहर का चौक भी नमाजियों से भरा होता था. ईद के मौके पर मुस्लिम एकत्रित होकर यहां नमाज पढ़ा करते थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं. इस बार ईद के मौके

भारत और चीन के बीच सिक्किम बॉर्डर पर छिड़ा विवाद थम नहीं रहा है. बॉर्डर पर अड़ियल रवैया अपनाने वाले चीन ने इसका ठीकरा खुद भारत ही फोड़ दिया है. चीन विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत की ओर से बॉर्डर पर उठाए जा रहे कदम किसी विश्वासघात से कम नहीं है. गौरतलब है कि रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अब 1962 का भारत नहीं है. इस पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1962 वाला चीन भी नहीं है. दरअसल, सिक्किम से लगती सीमा पर असल विवाद की जड़ है डोकुला का वो चौराहा, जो भारत-चीन और भूटान को एक साथ

चीन ने पिछले साल राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ढाका यात्रा के दौरान- सॉफ्ट लोन को कॉमर्शियल क्रेडिट में बदलने का प्रस्‍ताव बांग्लादेश के सामने रखा. इससे यह स्‍पष्‍ट संकेत मिल रहा है कि अब बांग्‍लादेश भी श्रीलंका की तरह कर्ज के दलदल में फंस सकता है. हालांकि बांग्‍लादेश इसका विरोध कर रहा है. वन बेल्‍ट वन रोड प्रोजैक्‍ट के जरिए चीन बाकि के एशियाई देशों, अफ्रीका और यूरोप से जुड़ेगा. इस प्रोजैक्‍ट के लिए लोन पैटर्न को बदलने की चीन के पहल का बांग्‍लादेश ने विरोध किया है क्‍योंकि इससे बांग्‍लादेश को अधिक ब्‍याज का भुगतान करना होगा और इसकी हालत भी

चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ ) में भारत एवं पाकिस्तान का स्वागत करते हुए गुरुवार को उन आशंकाओं को खारिज कर दिया कि दोनों पड़ोंसी देशों के बीच मतभेद से समूह की एकता को नुकसान पहुंचा सकता है. चीन ने कहा कि घोषणापत्र में सदस्यों पर उनकी द्विपक्षीय शत्रुता को संगठन में लाने पर रोक लगाई गई है. चीन के सहायक विदेश मंत्री कोंग शियानयू ने समूह के नए सदस्यों के तौर पर दोनों देशों का औपचारिक स्वागत करते हुए यहां एससीओ मुख्यालय में कहा, 'शंघाई सहयोग संगठन के संस्थापक सदस्य के तौर पर हम भारत एवं पाकिस्तान के सदस्य

भारतीय सेना पड़ोसी देशों की किसी भी प्रकार की हिमाकत से निपटने के लिए तैयार है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि भारत ढाई मोर्चे (चीन, पाकिस्तान और आंतरिक सुरक्षा) पर युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. आर्मी चीफ जनरल रावत ने साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर में जल्दी ही हालात सुधरेंगे. उन्होंने कहा, 'कश्मीर में हालात में सुधार होगा' जनरल रावत ने पाकिस्तान पर राज्य के युवाओं को सोशल मीडिया प्रॉपेगैंडा के जरिए भरमाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके कश्मीर के युवाओं में गलत सूचना फैला रहा है.'