गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने से भले ही देश के अन्य राज्य आर्थिक हानि का रोना रो रहे हों, लेकिन इस नई व्यवस्था में हरियाणा की दसों उंगलियां घी में हैं. हरियाणा को सर्विस सेक्टर और 6 गैर जीएसटी (5 प्रकार के पेट्रोलियम पदार्थ और शराब) आइटम का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है. जिसकी बदौलत वित्त वर्ष 2017-18 में प्रदेश सरकार को सभी मदों से 48 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होगा, जोकि गत वित्त वर्ष की तुलना में 65.5 फीसदी अधिक है. प्रदेश सरकार के टैक्स राजस्व में मुख्य रूप से वैट, सीएसटी और एक्साइज ड्यूटी शामिल है.