घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए आर्मी जीप पर कश्मीरी शख्स को बांधे जाने की घटना को लेकर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सैनिकों को कश्मीर के 'डर्टी वॉर' से निपटने के लिए नए-नए तरीके खोजने की जरूरत है. उन्होंने कहा, जब लोग हमपर पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे हों तो मैं अपने लोगों से 'देखते रहने और मरने' के लिए नहीं कह सकता. सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि मैं खुश होता अगर प्रदर्शनकारी पत्थर फेंकने के बजाए हथियारों से फायर कर रहे होते. रावत के मुताबिक, कश्मीर मुद्दे के ठोस

1984 के सिख विरोधी दंगों में उत्तर प्रदेश में अपनी सारी संपत्ति गंवाकर पंजाब आ बसे दंगा पीड़ितों ने मुआवजे के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और केंद्र सरकार को 2 अगस्त तक इस मामले में पक्ष रखने के आदेश दिए हैं. मामले में याचिका दाखिल करते हुए पीड़ितों की ओर से इंद्रबीर सिंह छटवाल ने कहा कि दंगों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ था. इस दौरान पंजाब के साथ ही उत्तर प्रदेश व अन्य हिस्सों में लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था. ऐसे ही कुछ