केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को स्पष्ट किया कि आगामी 1 जुलाई से आयकर रिटर्न दाखिल करने या नया स्थायी खाता संख्या (पैन) हासिल करने के लिए आधार नंबर का उल्लेख करना जरूरी होगा. आयकर विभाग की इस नीति निर्माता संस्था सीबीडीटी ने एक वक्तव्य जारी कर यह स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में केवल उन लोगों को आंशिक राहत दी है, जिनके पास आधार नंबर नहीं है, अथवा जिन्होंने आधार में पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे में टैक्स अधिकारी उन लोगों के पैन को निरस्त नहीं करेंगे. सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले