जेएंडके टैंकर वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारियों ने बिजबिहाड़ा में जख्मी हुए चालक अनिल कुमार को शुक्रवार डिवकॉम के सामने पेश किया और चालकों को फुल प्रूफ सिक्योरिटी देने की मांग की। कमेटी के प्रधान रंजीत सिंह रैणा और चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के पदाधिकारियों ने घायलों को मुआवजा देने की मांग भी की है। पदाधिकारियों का शिष्टमंडल डिवकॉम से मिला। शिष्टमंडल के सदस्य घायल अनिल को साथ लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अनिल के घाव दिखाए और बताया कि बिजबिहाड़ा में पत्थरबाजों ने हमला करके जख्मी किया है, जो कि लेह से टैंकर लेकर लौट रहा था। पत्थरबाजों ने उन्हें रोका

घाटी में डेढ़ महीने की हिंसा ने कश्मीर की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। आठ जुलाई के बाद से बंद, हिंसा, कर्फ्यू और पाबंदियों के बीच कारोबार चौपट हो गया है। कश्मीर के कारोबारियों ने नुकसान का आकलन करते हुए दावा किया है कि अब तक 6400 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सामान्य हालात में घाटी में रोजाना 135 करोड़ का कारोबार होता है। यह आकलन छह महीने पुराना है। इसका सीधा मतलब ये है कि वर्तमान में हिंसा से कारोबार को हुआ नुकसान न्यूनतम 6400 करोड़ हुआ है जो हकीकत में इससे भी अधिक हो सकता है। कश्मीर

वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री लाल सिंह ने हिंसा की आड़ में लकड़ी की तस्करी पर कड़े संज्ञान की चेतावनी जारी की है। वन मंत्री ने कहा कश्मीर संभाग में हिंसा से बने माहौल की आड़ लेकर लकड़ी तस्कर हरा सोना लूट रहे हैं। शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और कुपवाड़ा से सबसे ज्यादा शिकायतें मिली हैं। इन तस्करों पर सरकार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। नागरिक सचिवालय के चैंबर में वार्ता के दौरान मंत्री ने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की सूचनाएं मिल रही हैं। लकड़ी के तस्करों को रोकने के बजाय जो लोग बढ़ावा दे रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दौरे के बाद अब सरकार ने अलगाववादियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को हुर्रियत एम के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूख को जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को हुर्रियत एम के अध्यक्ष मीरवाइज ने ईदगाह चलो मार्च का आह्वान किया था। मार्च के दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शुक्रवार रात को ही उन्हें जेल शिफ्ट करना चाहा लेकिन कुछ कारणों से उन्हें नहीं शिफ्ट किया जा सका, जिस पर सुबह उन्हें चश्मेशाही सब जेल में शिफ्ट किया गया। वहीं अन्य अलगावववादी नेताओं को उनके घरों

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का 15 दिनों के भीतर घाटी का दूसरा दौरा और अवाम से बातचीत अनायास ही नहीं है। केंद्र के दूत के रूप में राजनाथ के मिशन कश्मीर का असल मकसद अलगाववादियों को अलग-थलग करना था। कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत के नारे का दांव चलकर राजनाथ ने अलगाववादियों को घेरने की कोशिश की। इसी फार्मूले पर अटल सरकार में हुर्रियत से बातचीत की पहल शुरू हुई थी। केंद्र सरकार का इस मामले में रुख बिल्कुल स्पष्ट है। वह कश्मीर हिंसा पर नरमी नहीं दिखाना चाहती है। अलगाववादियों तथा पत्थरबाजों से सख्ती से निबटे जाने का भी संकेत है।

कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने एक पुलिस कांस्टेबल को गोली मार दी। घटना शनिवार सुबह की है। पुलवामा के कॉइल एरिया में हुए इस हमले में पुलिस कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई। खबरों के मुताबिक मारे गए कांस्टेबल खुर्शीद अहमद शनिवार की सुबह दूध लेने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान उन पर हमला हो गया। खुर्शीद छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। बता दें कि घाटी में अमन बहाली के लिए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी। ये दूसरी बार है जब कश्मीर के हालात पर

कश्मीर हिंसा को लेकर शनिवार सुबह रियासत की मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कश्मीर के हालात को सही करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद महबूबा ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी सरकार ने कश्मीर की शांति के लिए पाकिस्तान से बातचीत का दौर शुरू किया और गृहमंत्री राजनाथ को पाकिस्तान भेजा लेकिन पाक ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। अब पाकिस्तान को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। अगर कश्मीर मसले का हल होगा तो वो सिर्फ मोदी सरकार में ही हो सकता है। आज भारत के लोकतंत्र में सबसे

आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा में अब तक 67 लोगों की मौत हो चुकी है और एतिहात के तौर पर 50 दिनों से कर्फ्यू लगा हुआ है। इस बीच सीएम महबूबा मुफ्ती घाटी के हालात पर पीएम मोदी से मिलने शनिवार को उनके आवास पर पहुंचीं। वह पीएम मोदी से मुलाकात में घाटी के हालात पर चर्चा करेंगी ताकि कश्मीर में शांति बहाली की राह निकले। सीएम महबूबा ने गुरुवार को कहा था कि 95 फीसदी कश्मीरी अमन चाहते हैं केवल 5 फीसदी लोग ही घाटी के मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार हैं। कश्मीर में

कई मवेशियों को शिकार बना चुके तेंदुए को संगलदान के ग्रामीणों ने अपने जाल में फंसा लिया है। वीरवार को रात नौ बजे वन्य जीव विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे अपने कब्जे में लिया और इलाज के लिए जम्मू ले गई। इसके पहले पुलिस को मौके पर पहरा देने को लगा दिया था। गूल सब डिवीजन के संगलदान क्षेत्र के ग्रामीण पिछले कई दिनों से इस तेंदुआ से परेशान थे। यह जंगली जानवर ग्रामीणों के कई मवेशियों को शिकार बना चुका था। दहशत और आर्थिक नुकसान झेल चुके संगलदान पंचायत के ग्रामीणों ने पंच-सरपंच की अगुवाई में बैठक

सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने राजनाथ सिंह को अलग से हुई बैठक में ब्रीफ किया। इस दौरान अधिकारियों ने उपद्रवियों पर सख्ती की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि उपद्रवियों से नरमी के कारम आतंकियों को गांवों में फैलकर एके-47 लहराने और सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करने का मौका मिला। ​पेलेट गन विवाद के कारण सुरक्षा बलों ने भी नरमी बरती। इस कारण सेना द्वारा गांवों में आतंकियों की तलाशी थम गई। एलओसी और बार्डर पर घुसपैठियों से मुठभेड़ होती रहीं और अंदरूनी हिस्सों में आतंकियों का आतंक लोगों को डराकर पत्थरबाजी बढ़ाता रहा। राजनाथ ने अब इसे हर हाल में रोकने